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काँटा-काँटे से निकाला जाता है, फूल से नहीं – लेखक रामकेश एम. यादव
आजमगढ़, गाँव तेजपुर,ब्लॉक व तहसील मार्टिनगंज के मूल निवासी रॉयल्टी प्राप्त कवि, गीतकार व वरिष्ठ लेखक रामकेश एम. यादव मुंबई ने अपने गृह जनपद आज़मगढ़ के एक प्रेस वार्ता में पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार आतंकवादिओं के खिलाफ जो सख्त कदम उठाई और आगे उठायेगी, बिलकुल वाजिब है क्योंकि काँटा-काँटे से निकलता है, फूल से नहीं। चार बार मुँह की खाने के बावजूद भी पाकिस्तान सुधरकर हमारा एक अच्छा पड़ोसी नहीं बन सका, तकलीफ की बात है। जब तक उसका निजी नुकसान नहीं होगा, तबतक कुछ सुधरने की उम्मीद करना सही भी नहीं। भीख का कटोरा लेकर देश-देश घूँमनेवाले पाकिस्तान की माली हालत बेहद ख़राब है वहीं पूरी दुनिया हमारे देश को सर-आँखों पर रखती है।

गौरतलब है कि रामकेश बृहन्मुम्बई महानगरपालिका में एक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त होकर अपना सारा समय साहित्य लेखन में व्यतीत कर रहे हैं। अब तक इन्हें 421 पुरस्कारों व सम्मानपत्रों से नवाजा जा चुका है। 26 पुस्तकें लिख चुके श्री यादव का 1700 से अधिक लेख आदि देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुका है। महाराष्ट्र राज्य पाठ्य पुस्तक निर्मिती विभाग व अभ्यासक्रम संशोधन मण्डल पुणे द्वारा इनकी 2 रचनाएँ पाठ्यक्रम में शामिल की जा चुकी हैं। इनका साहित्य-लेखन अनवरत जारी है।
यादव सामाजिक सरोकारों से जुड़कर आज भी समाज को एक नया आयाम दे रहे हैं। इन्हें हाल में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक स्मृति सम्मान 2025- निस्वार्थी राष्ट्रीय समूह ढाणा झज्जर हरियाणा, संस्थापक:अशोक कुमार जाखड़, सह-संस्थापिका: अपराजित शर्मा,अध्यक्षा: रश्मि पाण्डेय शुभि जी ने सम्मानित किया है।
कला संवाद और प्रशिक्षण का प्रभावी आयोजन
उत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन
The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. Whenउत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन conducted systematically, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions.  The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. When conducted systematically at Uttar Art Gallery, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions.
देहरादून। एमडीडीए कॉम्प्लेक्स, घंटाघर स्थित उत्तरा आर्ट गैलरी में चल रही चित्रकला प्रदर्शनी ने एक बार फिर से कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और दर्शकों को रंगों की दुनिया से जोड़ दिया है। यह प्रदर्शनी स्वर्गीय चित्रकार कृतिका उनियाल की द्वितीय पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है, जो केवल कलाकृतियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला संवाद, प्रशिक्षण और तकनीकी पक्षों की गहन समझ का भी मंच बन गई है।
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा तैल रंगों का जीवंत प्रदर्शन (Live Demonstration), जिसे चित्ररेखा आर्ट इंस्टिट्यूट के संस्थापक और उत्तराखंड के जाने-माने चित्रकार मो. मोइन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को न केवल तैल चित्रण की बारीकियों से अवगत कराया, बल्कि तकनीक, ब्रश स्ट्रोक्स, रंग संयोजन और विषय चयन के व्यावहारिक पक्षों को भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। उनका प्रदर्शन देखने आए कला प्रेमियों ने चित्रकला की गहराइयों को प्रत्यक्ष अनुभव किया।
इस अवसर पर ‘आवाज सुनो पहाड़ों की’ संस्था के निर्देशक नरेंद्र रौथान की शैली पर आधारित एक विशेष रंग चित्रण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके चित्रण शैली के विविध पक्षों को समझाया गया। यह प्रस्तुति कला अभ्यास की बहुआयामी समझ विकसित करने में सहायक रही।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह केवल चित्र प्रदर्शनी न होकर एक सजीव प्रशिक्षण सत्र के रूप में भी संचालित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को चित्रकला के तकनीकी, सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को सीखने का अवसर मिला। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि हर आगंतु, विशेषकर छात्रवर्ग न केवल कला को देखे, बल्कि उसकी गहराई में जाकर उसे समझे और आत्मसात कर सके। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में संस्था के सचिव यशपाल सिंह उनियाल, वरिष्ठ चित्रकार भरत भंडारी, डॉ. राजकुमार पांडेय, श्रद्धा शुक्ला, मनोज रावत, मुक्ता जोशी, शमशेर वारसी, संगीता कुमार प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं जैसे देवांशी, प्रज्ञा, रिया, सुबोध नेगी, मीनाक्षी नेगी एवं तनीषा कुमारी की सक्रिय सहभागिता ने प्रदर्शनी को और भी समृद्ध बना दिया।
यह आयोजन कला को केवल एक प्रदर्शन मात्र न मानते हुए उसे एक संवाद, एक शिक्षण और एक अनुभूति के रूप में प्रस्तुत करता है। यह निस्संदेह उत्तराखंड की कला संस्कृति को संजीवनी देने वाला और नवांकुर कलाकारों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त प्रयास है।
प्रदर्शनी आगामी दिनों तक जारी रहेगी और इसमें विभिन्न कला कार्यशालाएं, संवाद सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के कला जगत के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध होंगे। आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और रंगों की इस जीवंत यात्रा का हिस्सा बनें।
श्रीमद् भागवत कथा
” गिरिराज धरण मैं तो तेरी शरण”
उपरोक्त उद्गार श्रीमद्भागवत यज्ञ के तत्वावधान में आयोजित कथा के पंचम दिवस कथा वक्ता श्री श्रीविष्णुदत्त शर्मा (श्रीधाम वृन्दावन) के हैं । महराज श्री नें अपने पावन उद्गार में ब्यक्त किया कि आज जो भागवत जी की कथाएं आयोजित हो रही हैं यह केवल संतों की करुणा का ही प्रतिफल है। जगत के कल्याणार्थ ही संत जन धराधाम पर विचरण करते हैं।
प्रस्तुत पावन कथा आजमगढ़ जनपद के पूरादुबे, अहिरौला में आयोजित है। पंडित श्री श्रीराम पांडेय जी जो कि स्वयं भागवत जी के उद्भट विद्वान हैं, आपके सुपुत्र आचार्य हर्षचरित(देवेन्द्र)पांडेय जी मुंबई में रहकर देश विदेश में कर्मकाण्ड एवं श्रीमद्भागवत जी की कथा कहते हैं।
आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में कर्मकाण्ड के आचार्य श्री बलभद्र गुरु जी अपने सहयोगी आचार्य जनों के साथ प्रभात की मंगल बेला से ही पूजन एवं पारायण के कार्य प्रारंभ करते हैं।
आयोजन में श्री श्री 108 श्रीक्षेत्र दुर्वासाधाम महामंडलेश्वर शुभम दास जी महाराज तथा मंडलेश्वर मुन्ना बाबाजी (दैवज्ञ) महाराज भाजपा नेता श्रीनरेंद्र सिंह,डा अजय पांडेय,पत्रकार सौरभ मिश्र,अरुण उपाध्याय योगेन्द्र चौबे ग्राम प्रधान शत्रुघ्न कन्नौजिया मनिकलाल यादव रवीश पांडेय , आचार्य मधुसूदन उपाध्याय आदि की गरिमामई उपस्थिति श्लाघ्य है।
मेधावी प्रतिभा वान खिलाड़ियों का उत्साह एवं सम्मान समारोह सम्पन्न
दिनांक 15 मई 2025 दिन गुरुवार को भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के प्रांगण में राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में प्रतिभा वान खिलाड़ियों को उत्साह वर्धन हेतु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया इस अवसर पर जनपद स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालक बालिकाओं को लड्डू खिलाकर उत्साह वर्धन करते हुए सम्मानित किया गया अमरजीत यादव ने बताया कि 15 वर्षीय बालक एवं बालिकाओं में गौरी प्रजापति संदीप यादव इंद्रेश तथा मधु विश्वकर्मा 18 मई से आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता जिसका आयोजन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में होने वाला है |
उसमें आजमगढ़ जिले की तरफ से प्रतिभाग करेंगे | ग्राम प्रधान हंसराज यादव ने कहा कि हमें बहुत ही गर्व है कि हमारे एकेडमी के खिलाड़ी पूरे प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं डॉ आदित्य सिंह ने कहा कि इतनी कम समय में तथा सुविधा एवं संसाधन के अभाव में भी इस तरह की उपलब्धि से खिलाड़ियों में काफी उत्साह है अमरजीत यादव ने कहा कि अगर इसी तरह क्षेत्रवासियों का सहयोग मिलता रहा तो बच्चियाँ एक नया इतिहास बनाएगी | इस अवसर पर चन्द्रदेव यादव प्रबंधक सुरेन्द्र यादव रामप्रवेश संतोष ज्ञान चंद चन्द्रशेखर आर्यन तथा अन्य सम्मानित क्षेत्र वासी उपस्थित रहे समस्त सम्मानित क्षेत्र वासियों ने खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे थे |
कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ के नेतृत्व में मंत्री विजय शाह के खिलाफ आक्रोश जुलूस निकाला गया
भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के विरुद्ध आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाले मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कुँवर विजय शाह के खिलाफ आज ज़िला कांग्रेस कमेटी आज़मगढ़ द्वारा तीव्र विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ के नेतृत्व में रैदोपुर तिराहा से गांधी प्रतिमा तक एक आक्रोश जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। हाथों में तख्तियाँ और नारों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग की।
कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि—“भारतीय सेना का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी जाँबाज़ अधिकारी पर सांप्रदायिक टिप्पणी केवल सेना ही नहीं, देश की धर्मनिरपेक्ष आत्मा पर हमला है। बीजेपी सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
जुलूस में रियाजुल हसन, तेज बहादुर यादव, सुरेंद्र सिंह , चंद्रपाल यादव, अंसार अहमद , मुन्नू यादव, मुन्नू मौर्य,शीला भारती, गोपाल राय, बेलाल बेग , विपिन पाठक , अजीत राय, हरीओम उपाध्याय , राहुल राय, सुनील सिंह , राजाराम यादव, हाजी इफ़्तिक़ार अहमद, आमिर, तुषार सिंह पालीवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी संघ आजमगढ़ ने डी.एम. को सौंपा ज्ञापन
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कड़क तेज धूप व गर्मी में बेसिक शिक्षा परिषद के नियन्त्रण हेतु संचालित परिषदीय सहायता प्राप्त एवं समस्त बोर्ड (यू०पी बोर्ड, सी०बी०एस०सी० बोर्ड,, आई०सी०एस०सी० बार्ड ) से मान्यता प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा से 1 से 8 तक ) में 20.05.2025 से अवकाश होना सुनिश्चित है जिसके अन्तर्गत अधिकांश आगनवाड़ी केन्द्रो का संचालन प्रा0वि0 में हो रहा है। जिसमे ऑगनवाड़ी केन्द्रो पर आने वाले बच्चे ( 03 वर्ष से 06 वर्ष की आयु) प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों से भी काफी छोटे बच्चे है ।आने वाले छोटे बच्चों को देखते हुए अवकाश घोषित किया जाय ताकि बच्चों को गर्मी में बाहर निकलने से बचाया जा सके ।
अवकाश की अवधि में आँगनवाड़ी कार्यकत्रियों / मिनी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के द्वारा लाभार्थियों को टेक होम राशन वितरण कराते हुए सामुदायिक गतिविधियों, गृह भ्रमण / बच्चों का वजन / बी०एच०एम०डी० सहित सरकारी कार्यों जैसे बी०एल०ओ० आदि का कार्य करती रहेंगी । ज्ञापन के समय नीतू पाण्डेय जिलाध्यक्ष के साथ प्रमिला यादव सरिता सिंह वंदना मोर संदीप शवास्तव अर्चना सिंह कुसुम उपाध्याय वंदना मौर्य सीमा सिंह प्रतिमा सिंह संदीप श्रीवास्तव इत्यादि लोग गमजूद रहे ।
उत्तरा आर्ट गैलरी देहरादून में दिखी ‘सिल्कयारा टर्नल त्रासदी’ की संवेदनात्मक झलक
14 मई 2025 को देहरादून स्थित उत्तराखंड संस्कृति विभाग की उत्तरा आर्ट गैलरी में दिवंगत कलाकार कृतिका उनियाल की द्वितीय पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में आयोजित भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।
इस आयोजन का उद्घाटन यशकृतिका फाउंडेशन की अध्यक्षा कमलेश नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ। यह प्रदर्शनी न केवल स्व. कृतिका को श्रद्धांजलि है, बल्कि नगर की कला-संस्कृति को समर्पित एक सजीव सांस्कृतिक पहल भी है। उद्घाटन समारोह में नगर के प्रतिष्ठित चित्रकारों, साहित्यकारों, फिल्म निर्माताओं और कला प्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रमुख अतिथियों में यशकृतिका फाउंडेशन के सचिव यशपाल उनियाल, कृतिका के कलागुरु मोहम्मद मोईन, “पहाड़ों की आवाज़ सुनो” के निदेशक नरेंद्र रौथाण, वरिष्ठ चित्रकार भरत भंडारी, साहित्यकार वेदिकावेद, राजेंद्र सिंह उनियाल, प्रमोद रावत, सतपाल गांधी, फिल्म निर्देशक दानिश, और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी में ऑयल पेंटिंग,वॉटर कलर, रेखाचित्र, एक्रेलिक और मिनिएचर शैली में बनीं पोर्ट्रेट, लैंडस्केप, अमूर्त (Abstract) और यथार्थवादी चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। प्रमुख चित्रकारों में डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा, डॉ. राजकुमार पांडेय, कहकशां, और चंद्रबहादुर रसाइली की कलाकृतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस अवसर पर डॉ. राजकुमार पांडेय द्वारा निर्मित “सिल्कयारा टर्नल त्रासदी” पर आधारित कलाकृति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इस रचना में एक ओर त्रासदी की पीड़ा तो दूसरी ओर मानवीय साहस और संवेदनाओं का गहन चित्रण किया गया है, जिसे वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा संरचनात्मक मार्गदर्शन मिला।
प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों — मीनाक्षी नेगी, देवांगी जगूड़ी, रिया गौड़, मनन दानिश,शमशेर वारसी, स्नेहा कुमारी और प्रज्ञा वर्मा की रचनाएं भी खूब सराही जा रही हैं। यह प्रदर्शनी 14 मई से 20 मई 2025 तक प्रतिदिन दर्शकों के लिए खुली रहेगी, जो कला प्रेमियों को युवा और वरिष्ठ कलाकारों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को एक ही मंच पर देखने का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है।
भाजपा नेता विजय शाह के ऊपर कायम हो देशद्रोह का मुकदमा…..अमरजीत यादव
भाजपा नेता विजय शाह के ऊपर कायम हो देशद्रोह का मुकदमा…..अमरजीत यादव
हमारे देश में आपरेशन सिंदूर में अपना भरपूर योगदान कर देश की रक्षा एवं स्वाभिमान हेतु समर्पित बहन सोफिया कुरैशी के उपर अभद्र टिप्पणी करने वाले आतंकवादियों की बहन कहने वाले भाजपा के विधायक विजय शाह के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए प्रधानमंत्री जी को इस देश द्रोही के बयान पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए मोदी जी जबाब दिजिए कहा गया नारी सम्मान और सैनिक सम्मान का संकल्प राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन होना चाहिए |
जब तक विजय शाह के ऊपर कार्यवाही नहीं हो जाती यही हमारा देश है कि दाल मांगने वाले सैनिक के ऊपर देशद्रोही कहकर कार्यवाही हो जाती है और दाल पैदा करने वाले किसानों के उपर अपने हक अधिकार मांगने पर देशद्रोही कहकर मुकदमा हो जाता है लेकिन इस तथाकथित रामराज में अत्याचार करने वालों पर नहीं अत्याचार सहने वालों पर कार्रवाई होती है कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि हमारे देश के सत्ता के मद में चूर नेता और मंत्री को क्या बोलना चाहिए उनको यह भी पता नहीं है इसलिए देश के नौजवान किसान और मजदूर सभी लोगों को यह संकल्प लेना चाहिए कि में हर देशवासियों को आजादी मिली है उसे आजादी की सीमा वहीं समाप्त हो जाती है जहां किसी दूसरे की आजादी को बाधा उत्पन्न होती है।
रुलाती गर्मी 2025
रुलाती गर्मी 2025
भारत में गर्मी के प्रभावों में स्वास्थ्य, कृषि, पानी की आपूर्ति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, और सामाजिक पहलुओं को शामिल किया गया है। यह नोट वर्तमान समय (14 मई, 2025, दोपहर 1:40 IST) के आधार पर तैयार किया गया है और नवीनतम आंकड़ों और पूर्वानुमानों पर आधारित है।
भारत में गर्मी की लहरें, विशेष रूप से अप्रैल से जून के बीच, हर साल गंभीर चुनौतियां पेश करती हैं। 2025 में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अप्रैल से जून तक तापमान के सामान्य से अधिक रहने और लंबी गर्मी की लहरों की भविष्यवाणी की है यह रिपोर्ट 2024 के रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद आती है, जब चुरू, राजस्थान में तापमान 50.5°C तक पहुंच गया था और 37 शहरों में 45°C से ऊपर का तापमान दर्ज किया गया
स्वास्थ्य पर प्रभाव
गर्मी की लहरों से स्वास्थ्य पर सबसे गंभीर असर पड़ता है, विशेष रूप से लू, निर्जलीकरण, और अन्य गर्मी संबंधित बीमारियों के रूप में। 2024 में, मार्च से जून के बीच 17 राज्यों में 700 से अधिक मौतें हुईं, और 25,000 से अधिक लोग गर्मी से बीमार पड़े 2025 में, गर्मी की शुरुआत फरवरी/मार्च से ही हो गई, जो एक चिंताजनक है | विवाद यह भी है कि आधिकारिक आंकड़े गर्मी से होने वाली मौतों को कम करके दिखाते हैं, क्योंकि कई मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र में गर्मी को सीधा कारण नहीं माना जाता । यह अंडरकाउंटिंग भविष्य की तैयारी को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब संसाधन पहले से ही तनाव में हैं।
कृषि और पर्यावरण पर असर
कृषि क्षेत्र गर्मी से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उच्च तापमान और कम पानी की उपलब्धता से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह फसल उत्पादन में कमी और खाद्य कीमतों में वृद्धि का कारण बन सकता है । पर्यावरणीय रूप से, शुष्क मौसम जंगलों में आग लगने की घटनाओं को बढ़ा रहा है, जो वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों को खतरे में डाल रहा है। जनवरी से मार्च 2025 तक यूरोशियाई बर्फ ढकाव सामान्य से काफी कम रहा, जिससे गर्मी की तीव्रता और बढ़ी पानी की कमी और दैनिक जीवन पर प्रभाव गर्मी के कारण वाष्पीकरण बढ़ने से और पानी की मांग बढ़ने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पानी की कमी हो रही है। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में गंभीर है जहां भूजल स्तर पहले से ही कम है | दैनिक जीवन में, लोग सबसे गर्म समय (दोपहर 12 से 3 बजे) से बचने के लिए सुबह या शाम को काम कर रहे हैं, जिससे उत्पादकता कम हो रही है। बिजली की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि एयर कंडीशनर और कूलर का उपयोग बढ़ गया है, जिससे पावर कट की संभावना बढ़ गई है
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
आर्थिक रूप से, गर्मी से मजदूरों और बाहरी काम करने वालों की उत्पादकता कम हो रही है, विशेष रूप से निर्माण और कृषि क्षेत्र में। यह अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। सामाजिक रूप से, कमजोर समूह जैसे बुजुर्ग, बच्चे, और गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन बढ़ जाता है, जिससे शहरी बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ता है ।
तापमान और चेतावनी
IMD ने अप्रैल से जून 2025 तक तापमान के सामान्य से अधिक रहने की भविष्यवाणी की है, जिसमें पश्चिमी भारत में 7-8 अतिरिक्त गर्मी के दिन हो सकते हैं। अप्रैल, 2025 मे ही दिल्ली में 40.2°C, फलौदी (राजस्थान) में 43.6°C, और बाड़मेर (राजस्थान) में 45.6°C दर्ज किया गया राजस्थान के लिए लाल चेतावनी और दिल्ली के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है।
2025 के लिए गर्मी के प्रमुख प्रभाव
प्रभाव का क्षेत्र |
विवरण
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उदाहरण/आंकड़े
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स्वास्थ्य
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लू और निर्जलीकरण से मौतें बढ़ीं
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2024 में 700+ मौतें, 2025 में संभावित वृद्धि
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कृषि
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फसलों को नुकसान, खाद्य आपूर्ति प्रभावित
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राजस्थान, गुजरात में नुकसान
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पानी की कमी
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी
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भूजल स्तर में कमी
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आर्थिक
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उत्पादकता कम, बिजली की मांग बढ़ी
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पावर कट की संभावना
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पर्यावरण
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जंगल की आग, पारिस्थितिक तंत्र पर असर
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यूरोशियाई बर्फ ढकाव कम
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सामाजिक
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कमजोर समूह प्रभावित, ग्रामीण से शहरी पलायन
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बुजुर्ग, बच्चे सबसे अधिक प्रभावित |
गर्मी की लहरों की अवधि और तीव्रता में वृद्धि जलवायु परिवर्तन का परिणाम है। 20वीं सदी की शुरुआत से भूमि का तापमान लगभग 0.8°C बढ़ गया है, और 2024 को विश्व मौसम संगठन ने रिकॉर्ड तोड़ गर्म साल के रूप में घोषित किया |