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देवभूमि विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट छात्र को मिला ‘भारत बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ सम्मान
22 जून 2025। देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के द्वितीय वर्ष के मेधावी छात्र अखिलेश रावत ने अपनी अनूठी चित्रकला शैली ‘एस्पोटाइज़म’ (Spotism) के माध्यम से न केवल विश्वविद्यालय बल्कि समूचे उत्तराखण्ड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए उन्हें भारत बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। ‘एस्पोटाइज़म’ एक ऐसी विशिष्ट शैली है, जो सहज व अचेतन ब्रशस्ट्रोक पर आधारित है और कलाकार के आंतरिक भावों को चित्र रूप में साकार करने का सशक्त माध्यम बनती है। इस शैली में न तो किसी पूर्व निर्धारित रूपरेखा का बंधन होता है, न ही पारंपरिक रेखांकन का कोई आग्रह; बल्कि यह पूरी तरह से मनःस्थितियों और स्वाभाविकता पर आधारित होती है। इस नवाचार ने भारतीय आधुनिक चित्रकला में एक नयी दिशा का संकेत दिया है, जिसे कला समीक्षकों एवं शिक्षकों द्वारा भी सराहा गया है। अखिलेश रावत ने इस नवीन शैली का विकास कलाकार एवं गुरु डॉ. राजकुमार पाण्डेय, सहायक आचार्य, ललित कला विभाग, देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय तथा चित्रकार भानु देव शर्मा के मार्गदर्शन में किया। उनके अथक प्रयासों, निरंतर साधना, सृजनशीलता तथा सामाजिक चेतना का प्रतिफल यह सम्मान है। उनके नाम दर्ज हुआ यह रिकॉर्ड भारत बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (प्रमाणन संख्या: BWR00130, दिनांक 15/03/2025) द्वारा औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त है।
भारत बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एक विश्वस्तरीय मंच है, जो विभिन्न क्षेत्रों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देता है। यह मंच कला, संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता, खेल, साहित्य, सामाजिक कार्य, स्वास्थ्य, CSR, रोजगार सृजन और सामुदायिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करता है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अविनाश डी. सकुंडे ने इस अवसर पर कहा कि अखिलेश रावत द्वारा विकसित की गई ‘एस्पोटाइज़म’ शैली न केवल तकनीकी रूप से एक नयी दृष्टि प्रस्तुत करती है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में प्रेम, शांति, मानवता, समरसता और न्याय जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों का संदेश भी संप्रेषित होता है।
ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण तथा समस्त विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए अखिलेश रावत को शुभकामनाएँ दीं। विभाग ने आशा व्यक्त की है कि अखिलेश का यह नवाचार अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और भविष्य में भारतीय कला जगत में नयी संभावनाओं के द्वार खोलेगा। यह सम्मान न केवल अखिलेश रावत के व्यक्तिगत प्रयासों की उपलब्धि है, बल्कि देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्ता और नवाचार को भी दर्शाता है। ऐसे प्रयास विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे।
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में सम्पन्न हुई एजुकेटर मीट
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के एजुकेटर मीट में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे शिव गोविंद सिंह।
शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज के समन्वय पर हुई सार्थक चर्चा। शहर के प्रतिष्ठित होटल में नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा एक भव्य एजुकेटर मीट एवं फेलिसिटेशन सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर शिव गोविंद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अवनीश कुमार राय की उपस्थिति रही। इस अवसर पर शहर एवं आस-पास के क्षेत्र से शिक्षा जगत से जुड़े अनेक शिक्षाविद, विद्यालय प्रबंधक और अध्यापकगण शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि किस प्रकार स्कूल और कॉलेज के बीच समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर प्रदान किए जा सकें, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य के निर्माण में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्य अतिथि शिव गोविंद सिंह ने कहा, “नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा यह एक अत्यंत सराहनीय पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ एक उज्ज्वल भविष्य के लिए सही मार्ग दिखाना है। वेदांता इंटरनेशनल स्कूल हमेशा अपने विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति समर्पित रहा है। हम न केवल स्कूल स्तर पर शिक्षा को सुदृढ़ करने में विश्वास रखते हैं, बल्कि आगे चलकर उन्हें अच्छे कॉलेज के चयन में भी पूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मीटिंग में कई अच्छे और व्यावहारिक सुझाव सामने आए हैं, जो भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और भी बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
ऐसे आयोजनों से स्कूल-कॉलेज के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित होता है, जो छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक एवं शिक्षाविदों को प्रतीक चिन्ह, प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की ओर से शिव गोविंद सिंह को शॉल, प्रतीक चिह्न और स्मृति उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. विनोद नागर, डॉ. देवेंद्र कुमार झा, भानु प्रताप यादव, शिवाजी सिंह समेत शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक सार्थक कदम रहा, बल्कि यह दर्शाता है कि जब शैक्षणिक संस्थान एकजुट होकर काम करते हैं, तो विद्यार्थियों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में विलुप्त हो रही खेल विधाओं को संजोता भगत सिंह खेल एकेडमी निजामाबाद
ग्रामीण क्षेत्र में विलुप्त हो रही खेल विधाओं को संजोकर आगे बढ़ाने का प्रयास जारी……… अमरजीत यादव
दिनांक 19 जून 2025 दिन बुधवार को भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद में चल रहे 15 दिवसीय समर कैंप का समापन हुआ भगत सिंह खेल अकादमी संचालक राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने बताया कि समर कैंप के आयोजन से खिलाड़ियों को कुछ अलग खेल के गुण अनुशासन के साथ साथ घर से बाहर रहने तथा अभाव एवं विसम परिस्थिति में संयमित होकर जीवन जीने की कला सीखने का अवसर मिलता है तथा अलग-अलग स्थान पर पहुंचकर एक दूसरे से जुड़ने तथा समाज के सामाजिक दायित्वो का भी ज्ञान होता है अमरजीत यादव ने बताया कि समर कैंप में खिलाड़ियों को अलग अलग समय पर बकील राजनेता शिक्षक एवं प्रशिक्षक समाज के प्रबुद्ध लोगों ने आकर खिलाड़ियों को खेल और शिक्षा के महत्व को विस्तार से बताकर मार्गदर्शन भी किया |
राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि एक स्वस्थ शिक्षित एवं मजबूत समाज के निर्माण में खेल एवं खिलाड़ियों का बहुत ही योगदान होता है अनिल यादव ने कहा कि खिलाड़ियों को खेल के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन करने का गुण भी विकसित होता है डॉ आदित्य सिंह ने कहा कि खेल से जुड़ने से बच्चे काफी बुराइयों से बचकर अपना भविष्य सुरक्षित करते हैं भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद द्वारा लगातार केई वर्षों से यह कार्य क्रम संचालित करवाकर खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को खेल और शिक्षा के माध्यम से खेल एवं खिलाड़ियों के बिकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है |
ग्राम प्रधान हंसराज यादव ने कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से गांव की दवी प्रतिभाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है इस अवसर पर कबड्डी प्रशिक्षक उमेश यादव अरविंद यादव चन्द्र देव यादव संतोष गुप्ता राहुल सिंह रामप्रवेश यादव मिथिलेश चन्द्रशेखर आर्यन फौजदार आदि लोग मौजूद रहे |
निजामाबाद में अधिकारियों की मनमानी से बढ़ते जमीनी विवाद
निजामाबाद तहसील के मोहतसिम पुत्र अब्दुल कलाम ग्राम दाऊदपुर परगना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ ने लेखापाल पर आरोप लगाया कि गाटा सं0 61 प्रार्थी की भूमिधरी है। तथा गाटा सं0 60 राजस्व अभिलेख में खोर के खाते में अकित है बन्दो बस्ती से लेकर वर्तमान नक्से में गाटा सं0 60 व 61 अलग है। गाटा सं0 60 बशकल खोर है। व गाटा सं0 60 में कोई रास्ता नही है। गाटा 61 को गाटा सं055 के पश्चिम सिरे से जो होकर गाटा सं0 55 के दक्षिणी सिरे पर खत्म हो जाती है। तथा गाटा सं0 60 गाटा सं0 61 के पूर्वी सिरे से होते हुए उत्तरी सिरे पर खत्म होती है। इस प्रकार गाटा सं0 60 व 61 अलग-अलग है किन्तु हल्का लेखपाल के साजिश के कारण ड्रोन से बने नक्शे में गाटा सं0 60 को गाटा सं0 61 में अलग गाटे के रूप में दर्शित कर दिया गया है।
बन्दो बस्ती व पडताली नक्शे में नक्शे के हिसाब से उत्तर से दक्षिण तक नापने पर रकबा पुरा होता है। तथा ड्रोने में बने नक्से के कारण रकबा जो आकर पत्र 45 के 172 कड़ी के स्थान पर केवल 86 कड़ी करके जबरदस्ती हल्का लेखपाल व गाँव के कुछ लोग साजिश के कारण प्रार्थी के खतौनी में दबरदस्ती नया रास्ता बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमे कुछ मिट्टी गुण्डई के बल पर पाटी गयी है। पाटने वाले लोगो के कुछ लोग अपराधिक किस्म के व्यक्ति है। जो मना करने पर आमादा फौजदारी होकर गाली गलौज व मारपीट पर उतारू व जान से मारने की धमकी देने लगतें हैं जिसमें मुश्तफीक उर्फ अल्ताब, जमाल नासिर, अब्दुल खालिद, मुजमुल, आदि है। जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गयी है। विपक्षी ने SDM से गुहार लगाया कि स्वयं SDM महोदय अभिलेखों का परिक्षण करके तथा ड्रोन से बने नक्शे की फर्जीवाड़े की जाँच कर दाषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए और जमीन में जबरन पाटी गयी मिट्टी हटवाई जाए ।