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व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने चालकों की मांगों को लेके सौपा ज्ञापन
“व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने कहा कि चालकों को बेड़िया पहना दी गई हैं जिससे जब कोई भी चाहता है मार कर,लूट कर,बेईज्जत करके चला जाता है उसको लगता है हम गुलाम है अब यह नहीं चलेगा सरकारों को हमें सुनना होगा और हमारे लिए भी ठोस कदम उठाना पड़ेगा नहीं हम आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं”
व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी देश के तमाम चालकों के मध्यम से गंभीर विषयों पर संज्ञान लेते हुवे कहा कि देशभर के चालकों के भविष्य एवं परिवार के पालन पोषण हेतु सड़कों पर समस्या आए दिन बढ़ती जा रही हैं जो कि देशभर के सारथी चालकों के लिए गंभीर विषय है जैसे कि पुलिस, एवं ट्रैफिक पुलिस परिवहन विभाग का अत्याचार एवं शोषण प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाएं आए दिन संगठन के सामने आती रहती हैं। जिस कारण चालक आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना झेलने के लिए मजबूर है जिसकी वजह से दिल्ली समेत देशभर के चालक अपने परिवार के पालन पोषण हेतु अपनी जिंदगी सड़कों पर अत्याचार एवं असामयिक दुर्घटना के जरिए खत्म हो रही हैं।
जिस पर केंद्र एवं राज्य सरकारों का ध्यान अभी तक केंद्रित नहीं है अर्थात चालकों की इस जटिल समस्या के मध्य नजर देश की केंद्र सरकार के लिए गंभीर विषय हैं। इतना होने के बावजूद ना तो केंद्र सरकार कोई पहल करने को और न ही हमें सुनने को राजी है | राज्य सरकारें भी हमारी जिल्लत भरी जिंदगी जीने का कारण है | जबकि देश की दूसरी अर्थव्यवस्था देश के चालकों पर टिकी हुई है।
संगठन चाहता है की चालकों के परिवार पालन पोषण एवं चालकों के उज्जवल भविष्य के लिए केंद्र सरकार अपने माध्यम से आदेश पारित करके राष्ट्रीय चालक आयोग का गठन किया जाए एवं राज्य स्तर पर चालक वेलफेयर बोर्ड पर सरकारों को आदेश दिया जाए जिससे कि देशभर चालकों को राहत मिल सके। शैलेश पाठक ने लोगों को संबोधित करते हुवे कहा हम वही चालक है कि कोई भी इमरजेंसी हो हम अपना सुख-दुख त्याग कर लोगों की सेवा मे लग जाते हैं चाहे वह युद्ध हो,करोना काल हो हम अपनी परवाह न करते हुवे लोगों की सेवा लग जाते हैं |
जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत से भरी हुंकार
जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत में उमड़ा जन सैलाब
जय किसान आंदोलन द्वारा आजमगढ़ जिले के सिकरौर सहबरी बाजार मेला वाली बाग मे जिला अध्यक्ष बांके लाल यादव की अध्यक्षता में विशाल किसान महापंचायत सपन्न हुई महापंचायत को संबोधित करते हए जय किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने कहा कि बिजली विभाग के लोग यहां के आम नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिये हैं । जबकि बजली हमारी आवश्यक वस्तु में आती है आवश्यक वस्तुओं के लिए हम सरकार को टैक्स देते हैं ।
राजनेट यादव ने कहा कि जब हरियाणा पंजाब दिल्ली जैसे विकसित राज्यों 300 यूनिट तक बिजली फ्री है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं । अब तक की घरेलू बिजली बिल माफ करते हुए 300 यूनिट तक बिजली को फ्री किया जाए । बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा लोगों का बिजली के तार काटना लोगों का शोषण करना अबिलंब बंद करें ।यादव ने कहा कि आजमगढ़ मंडल की धरती बहुत ही उपजाऊ है लेकिन तीन जानवरों जैसे छुट्टा पशु नीलगाय बनसूअरो आदि का प्रकोप बढ़ गया है जिसके चलते हम लोगों की धरती इतनी उपजाऊ रहने के बावजूद कुछ भी नहीं पैदा हो पा रहा है । यहां के लोग कुपोषण के शिकार हो गए हैं ।
सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है अस्पतालों पर मरीज जा रहे हैं तो डॉक्टर नहीं डॉक्टर है तो दवा नहीं अस्पतालों पर लगी सभी लैब जांच मशीन शो पीस बन कर रह गई है कमीशन पर प्राइवेट जांच लैब से जांच कराई जाती है । जो एक बार किसी प्राइवेट अस्पताल में गया वह गरीबी रेखा में चला जाता है राजनेत यादव ने कहा कि किसी गांव में कोई कुटीर या लघु उद्योग नहीं दिखा हैं पूरी योजना जैसे नाबार्ड , खादी ग्रामोद्योग,आदि रोजगार परक सुविधायें भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गई हैं । जिससे गांव में रोजगार समाप्त हो गया है ।
राजनेत यादव ने कहा कि हर गांव में दो ,2 करोड की लागत से लघु कुटीर उद्योग स्थापित किया जाए । महापंचायत में जय किसान आंदोलन के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष न्नन्नी राय ने कहा कि आजमगढ़ की इस लड़ाई में हमारी पश्चिम बंगाल की पूरी टीम इस संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी । जब भी आवश्यकता पड़ेगी भले ही हमें जेल जाना पड़े तो परवाह नहीं । राय ने कहा कि यहां सत्य की लड़ाई है सभी लोगों को साथ देना चाहिए ।
नोएडा से आए किसान नेता करतार सिंह चौहान ने कहा कि आजमगढ़ महापंचाय में पास हुए प्रस्ताव पर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हम किसान आजमगढ़ में आकर बैठ जाएंगे आजमगढ़ में डेरा डालेंगें सरकार हमें हल्के मे ना ले जिस दिन जनता अपने अधिकार को जान जाएगी भ्रष्टाचारीयों को भागने की जगह भी नहीं मिलेगी महापंचायत को रामजनम यादव , रामयश यादव , गुलाम वारिस, प्रिंस चौहान, संगीता, श्यामदेव यादव जगदीश मौर्य आदि लोगों ने सम्बोधित किया संचालन जिला युवा अध्यक्ष आशीष पटेल ने किया ।
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में समर कैंप का हुआ शानदार शुभारंभ
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, बनकट (आज़मगढ़) में 22 मई को समर कैंप का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के …
विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर किया गया बालिका कुश्ती का आयोजन….. अमरजीत यादव
विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के प्रांगण में राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में बालक एवं बालिका कुश्ती ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कुश्ती प्रतियोगिता के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर बालक एवं बालिकाओं को कुश्ती खेल की विशेषताओं एवं देश में कुश्ती की उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल से जुड़ने की अपील करते हुए अमरजीत यादव ने कहा कि दुनिया में खेल ही एक ऐसा माध्यम है कि गांव गरीब व किसान के बच्चों को भी कम से कम खर्च में खेल से जोड़कर खिलाड़ियों का भविष्य संवारने का प्रयास किया जा सकता है |
कुश्ती आदि व अनादि काल से चलती चली आ रही खेल विधा है जिसका प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों तक फैला हुआ है जिसका मार्ग दर्शन व प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में भी निःशुल्क भी उपलब्ध हो जाता है लेकिन आधुनिकता के दौर में तकनीकी युक्ति कुश्ती के प्रशिक्षण हेतु योग्य एवं कुशल प्रशिक्षक का मार्गदर्शन अति आवश्यक है जो मिट्टी के स्थान पर मैट पर होता है इसके लिए राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के सहयोगी अरविंद यादव संतोष मनीष गुप्ता तथा रामप्रवेश यादव ने कहा कि अगर कम से कम हर व्लाक स्तर पर एक स्टेडियम का निर्माण कराकर गांवों में दवी प्रतिभाओं को अवसर दिया जाय तो देश में बड़ी संख्या में खिलाड़ी मिलेंगे इस अवसर पर अमरजीत यादव ने कहा कि बालकों के साथ बालिकाओं को भी खेल से जोड़कर आगे बढ़ाना हम लोगों का लक्ष्य है जिसके लिए हर व्लाक में भगत सिंह खेल अकादमी के माध्यम से कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है |
अमरजीत यादव ने कहा कि आज से लेकर विश्व ओलंपिक दिवस तक खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान के अन्तर्गत जगह जगह पर समर कैंप का आयोजन कर बालक और बालिकाओं को कुश्ती खेल से जोड़ने का काम किया जाएगा जो पिछले आठ वर्षों से होता चला आ रहा है इस अवसर पर ग्राम प्रधान हंसराज यादव चन्द्र देव यादव डॉ आदित्य सिंह रामप्रवेश मिथिलेश चन्द्रशेखर आर्यन रामफल सुरेन्द्र तथा सैकड़ों सम्मानित सदस्य एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।
काँटा-काँटे से निकाला जाता है, फूल से नहीं – लेखक रामकेश एम. यादव
आजमगढ़, गाँव तेजपुर,ब्लॉक व तहसील मार्टिनगंज के मूल निवासी रॉयल्टी प्राप्त कवि, गीतकार व वरिष्ठ लेखक रामकेश एम. यादव मुंबई ने अपने गृह जनपद आज़मगढ़ के एक प्रेस वार्ता में पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार आतंकवादिओं के खिलाफ जो सख्त कदम उठाई और आगे उठायेगी, बिलकुल वाजिब है क्योंकि काँटा-काँटे से निकलता है, फूल से नहीं। चार बार मुँह की खाने के बावजूद भी पाकिस्तान सुधरकर हमारा एक अच्छा पड़ोसी नहीं बन सका, तकलीफ की बात है। जब तक उसका निजी नुकसान नहीं होगा, तबतक कुछ सुधरने की उम्मीद करना सही भी नहीं। भीख का कटोरा लेकर देश-देश घूँमनेवाले पाकिस्तान की माली हालत बेहद ख़राब है वहीं पूरी दुनिया हमारे देश को सर-आँखों पर रखती है।

गौरतलब है कि रामकेश बृहन्मुम्बई महानगरपालिका में एक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त होकर अपना सारा समय साहित्य लेखन में व्यतीत कर रहे हैं। अब तक इन्हें 421 पुरस्कारों व सम्मानपत्रों से नवाजा जा चुका है। 26 पुस्तकें लिख चुके श्री यादव का 1700 से अधिक लेख आदि देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुका है। महाराष्ट्र राज्य पाठ्य पुस्तक निर्मिती विभाग व अभ्यासक्रम संशोधन मण्डल पुणे द्वारा इनकी 2 रचनाएँ पाठ्यक्रम में शामिल की जा चुकी हैं। इनका साहित्य-लेखन अनवरत जारी है।
यादव सामाजिक सरोकारों से जुड़कर आज भी समाज को एक नया आयाम दे रहे हैं। इन्हें हाल में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक स्मृति सम्मान 2025- निस्वार्थी राष्ट्रीय समूह ढाणा झज्जर हरियाणा, संस्थापक:अशोक कुमार जाखड़, सह-संस्थापिका: अपराजित शर्मा,अध्यक्षा: रश्मि पाण्डेय शुभि जी ने सम्मानित किया है।
उत्तर प्रदेश किसान सभा ने डीएम को 8 सूत्रीय मांग को लेकर सौपा ज्ञापन
अखिल भारतीय किसान सभा के आवाह्न पर उत्तर प्रदेश किसान सभा ने डीएम को 8 सूत्रीय मांग को लेकर सौपा ज्ञापन और कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण लगातार किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। ऐसे में केंद्र व राज्य अखिल भारतीय किसान सभा के आहवान पर आपको अवगत कराना है कि केंद्र सरकार की सरकार द्वारा स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार कृषि उपज मूल्य देने का कानूनी अधिकार न दिये जाने के कारण कर्ज में डूबे किसानों को तत् अनुल कर्जमाफी दिया जाना नितांत आवश्यक है ताकि किसान आगे भी पूरे मनोयोग से किसानी कार्य में तल्लीन रहे अन्यथा देश को बड़े संकट से जूझना पड़ेगा । यह भी बताना है कि इन आर्थिक दबावों के कारण, भाजपा सरकार के कार्यकाल में 1,20,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।
प्रतिदिन 31 किसान अपनी जान दे रहे हैं। इस संकट से किसानों को उबारना केंद्र व राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। सरकार ने कॉर्पोरेट कंपनियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने के लिए कानून बनाया लेकिन कर्जग्रस्त किसानों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया। यह स्पष्ट भेदभावपूर्ण व्यवहार है। आज सरकार विरोधी नीतियों के कारण किसान स्वीकार कर रहे है कि कृषि सेवा और उत्पादन की सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए किसानों को फसल उत्पादन से प्राप्त आय भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास के लिए पर्याप्त नहीं हो रहे है जो केंद्र व राज्य सरकार की कृषि-विरोधी नीतियों के कारण ही हुआ है। ऐसे में किसान कर्ज के बोझ तले दबता चला जा रहा है । निम्नलिखित कारणों का संज्ञान ग्रहण करते हुए किसान हित में आवश्यक कार्यवाही करें, जो कि निम्नवत् है।
1. स्वामीनाथन आयोग सूत्र C2+50% के अनुसार फसलों का आधारभूत मूल्य निर्धारित नहीं किया जाता । 9 दिसंबर 2021 को किसान आंदोलनकारियों को दिए गए आश्वासन के बावजूद, सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी नहीं दी गई। दी जाये।
2. बार-बार विदेशी कृषि उत्पादों का आयात करके हमारी फसलों के दाम जानबूझकर गिराए गए है।
3. शिक्षा स्वास्थ्य जती दुनियादी जरूरतों पर खर्च सरकारी नीतियों के निजीकरण से बढ़ गया है।
4. कृषि आदानों (जैसे उर्वरक बीज) पर अत्यधिक कर लगाकर उत्पादन लागत बढ़ाई गई है।
5– सभी किसानों के कर्ज (फसल, पंपसेट, शिक्षा, आवास आदि) पूर्ण माफी पेषित की जाए ।
6– स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार MSP को कानूनी गारंटी दी जाए।
7- धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेद किए बगैर सभी किसानों को कर्जमाफी दी जाए।
8– प्रत्येक किसान परिवार को प्रति माह 10,000/- रू. बुढ़ापे की पेंशन दी जाय ।
समर कैंप के समय होने वाली समस्याओं के संबंध में अनुदेशक और शिक्षामित्रों ने सौपा ज्ञापान
दिनांक 19 मई2025 दिन सोमवार को अनुदेशक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आजमगढ़ गणेश के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को समर कैंप में होने वाली समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया गया गणेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा सिर्फ अनुदेशक शिक्षको के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है ब्लॉक अध्यक्ष रानी की सराय अमरजीत यादव ने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में बिना किसी व्यवस्था व तैयारी के जो हिटलरशाही के दम पर अनुदेशक व शिक्षामित्र शिक्षकों को जबरदस्ती ड्यूटी की जिम्मेदारी दी जा रही है उसमें अगर किसी बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व विभाग की होगी अगर इसी क्रम में किसी अनुदेशक या शिक्षा मित्र को कोई समस्या होती है तो उस परिवार को 1करोण का मुआवजा व परिवार में एक सदस्य को बिभाग में नौकरी की व्यवस्था की जाए |
इस अवसर पर लालचंद यादव मिथिलेश यादव शादाब पंकज सपना अंजू सुरेश कुसुम अप्सरा निशा शिवानी शादाब आदि सैकड़ों की संख्या में अनुदेशक शिक्षक उपस्थित रहे बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक/ कंपोजिट विद्यालयों में 20 मई से 15 जून तक ग्रीष्मावकाश प्रारंभ हो रहा I माह अप्रैल से ही संपूर्ण उत्तर प्रदेश मे भीषण गर्मी,लू, और हीट वेब चल रही जिसके कारण बच्चे सहित आम जनमानस जहां अचानक तेज बुखार उल्टी दस्त कभी कभी जान लेवा हो रही वंही इस मौसम की गंभीरता को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल माह से शिक्षण कार्य मे परिवर्तन करते हुए 7:30-12 बजे किया गया है I जबकि मौसम विभाग के आंकड़े अनुमान कर रहे है कि माह मई के अंतिम सप्ताह और जून मे तापमान 45 डिग्री से 50 डिग्री तक रहने की संभावना है जिसमे बच्चो को घर से बाहर न निकलने की सख्त चेतावनी दी जा रही है ऐसे मे बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नौनिहाल बच्चो को 21 मई से 15 जून तक समर कैंप के नाम से विद्यालय मे बुलाना बच्चों के जीवन से खिलवाड करना है दोपहर 10 बजे घर वापसी के समय भीषण लू लगने से किसी अप्रिय घटना घटित होने के पूर्ण उम्मीद है ऐसे मे समर कैंप मे विद्यालय का संचालन अनुदेशक से संचालित करवाना बिल्कुल ही वाजिब नही किसी अप्रिय घटना घटित होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी अनुदेशक को ही दी जायेगी ऐसे मे जबकि अनुदेशक का कार्यकाल प्रतिवर्ष 31 मई को संविदा अवधि समाप्त हो जाती है नवीन संविदा अवधी का अनुबंध 16 जून से प्रारंभ होता है इस प्रकार अनुदेशक उक्त समर कैंप अवाधि मे अनुदेशक कार्मिक नही होता बावजूद इसके बच्चो के जीवन से खिलवाड करना शासन के इस आदेश का कोई औचित्य नही |सभी संगठनो ने निम्नवत माँग करते है कि तत्काल प्रभाव से समर कैंप के आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाय I फिर भी सरकार की मंशा इस दिशा मे स्पष्ट न हो तो संगठन निम्न माँग करता है |
1- समर कैंप समयावधि मे परिसर अथवा बाहर घटित होने वाली छात्र/विद्यालय मे किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी अनुदेशक नही लेग
2- समर कैंप मे अनुदेशक की ड्यूटी अनिवार्य रूप से न लगायी जाय बल्कि स्वैक्षिक हो
3- समर कैंप मे दिये जाने वाले मानदेय 6000 से बढ़ाया जाय
4- समर कैंप दौरान अगर किसी अनुदेशक के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ( दुर्घटना, मौत) होने पर परिवार को राहत सहयोग दिया जाय तथा परिवार के किसी एक सदस्य को विभाग मे नियुक्त किया जाय
5- समर कैंप अवाधि मे की गयी ड्यूटी के प्रतिरूप मे संविदा अवधी का प्रतिकर या आकस्मिक अवकाश संविदा अवधी मे दिया जाय
6- अनुदेशको को नियमित वेतन भुगतान होने तक 11 माह 29 का मानदेय, प्रतिवर्ष मानदेय मे 25℅ वृद्धि, शिक्षकों को मिलने वाले समस्त अवकाश ( आकस्मिक अवकाश चिकित्सा अवकाश, CCL अवकाश प्रतिकार अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश) तथा मृतक उपरांत परिवार की देखभाल हेतु आश्रित को उपयुक्त सहायता की जाय |

कला संवाद और प्रशिक्षण का प्रभावी आयोजन
उत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन
The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. Whenउत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन conducted systematically, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions.  The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. When conducted systematically at Uttar Art Gallery, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions.
देहरादून। एमडीडीए कॉम्प्लेक्स, घंटाघर स्थित उत्तरा आर्ट गैलरी में चल रही चित्रकला प्रदर्शनी ने एक बार फिर से कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और दर्शकों को रंगों की दुनिया से जोड़ दिया है। यह प्रदर्शनी स्वर्गीय चित्रकार कृतिका उनियाल की द्वितीय पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है, जो केवल कलाकृतियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला संवाद, प्रशिक्षण और तकनीकी पक्षों की गहन समझ का भी मंच बन गई है।
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा तैल रंगों का जीवंत प्रदर्शन (Live Demonstration), जिसे चित्ररेखा आर्ट इंस्टिट्यूट के संस्थापक और उत्तराखंड के जाने-माने चित्रकार मो. मोइन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को न केवल तैल चित्रण की बारीकियों से अवगत कराया, बल्कि तकनीक, ब्रश स्ट्रोक्स, रंग संयोजन और विषय चयन के व्यावहारिक पक्षों को भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। उनका प्रदर्शन देखने आए कला प्रेमियों ने चित्रकला की गहराइयों को प्रत्यक्ष अनुभव किया।
इस अवसर पर ‘आवाज सुनो पहाड़ों की’ संस्था के निर्देशक नरेंद्र रौथान की शैली पर आधारित एक विशेष रंग चित्रण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके चित्रण शैली के विविध पक्षों को समझाया गया। यह प्रस्तुति कला अभ्यास की बहुआयामी समझ विकसित करने में सहायक रही।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह केवल चित्र प्रदर्शनी न होकर एक सजीव प्रशिक्षण सत्र के रूप में भी संचालित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को चित्रकला के तकनीकी, सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को सीखने का अवसर मिला। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि हर आगंतु, विशेषकर छात्रवर्ग न केवल कला को देखे, बल्कि उसकी गहराई में जाकर उसे समझे और आत्मसात कर सके। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में संस्था के सचिव यशपाल सिंह उनियाल, वरिष्ठ चित्रकार भरत भंडारी, डॉ. राजकुमार पांडेय, श्रद्धा शुक्ला, मनोज रावत, मुक्ता जोशी, शमशेर वारसी, संगीता कुमार प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं जैसे देवांशी, प्रज्ञा, रिया, सुबोध नेगी, मीनाक्षी नेगी एवं तनीषा कुमारी की सक्रिय सहभागिता ने प्रदर्शनी को और भी समृद्ध बना दिया।
यह आयोजन कला को केवल एक प्रदर्शन मात्र न मानते हुए उसे एक संवाद, एक शिक्षण और एक अनुभूति के रूप में प्रस्तुत करता है। यह निस्संदेह उत्तराखंड की कला संस्कृति को संजीवनी देने वाला और नवांकुर कलाकारों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त प्रयास है।
प्रदर्शनी आगामी दिनों तक जारी रहेगी और इसमें विभिन्न कला कार्यशालाएं, संवाद सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के कला जगत के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध होंगे। आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और रंगों की इस जीवंत यात्रा का हिस्सा बनें।
श्रीमद् भागवत कथा
” गिरिराज धरण मैं तो तेरी शरण”
उपरोक्त उद्गार श्रीमद्भागवत यज्ञ के तत्वावधान में आयोजित कथा के पंचम दिवस कथा वक्ता श्री श्रीविष्णुदत्त शर्मा (श्रीधाम वृन्दावन) के हैं । महराज श्री नें अपने पावन उद्गार में ब्यक्त किया कि आज जो भागवत जी की कथाएं आयोजित हो रही हैं यह केवल संतों की करुणा का ही प्रतिफल है। जगत के कल्याणार्थ ही संत जन धराधाम पर विचरण करते हैं।
प्रस्तुत पावन कथा आजमगढ़ जनपद के पूरादुबे, अहिरौला में आयोजित है। पंडित श्री श्रीराम पांडेय जी जो कि स्वयं भागवत जी के उद्भट विद्वान हैं, आपके सुपुत्र आचार्य हर्षचरित(देवेन्द्र)पांडेय जी मुंबई में रहकर देश विदेश में कर्मकाण्ड एवं श्रीमद्भागवत जी की कथा कहते हैं।
आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में कर्मकाण्ड के आचार्य श्री बलभद्र गुरु जी अपने सहयोगी आचार्य जनों के साथ प्रभात की मंगल बेला से ही पूजन एवं पारायण के कार्य प्रारंभ करते हैं।
आयोजन में श्री श्री 108 श्रीक्षेत्र दुर्वासाधाम महामंडलेश्वर शुभम दास जी महाराज तथा मंडलेश्वर मुन्ना बाबाजी (दैवज्ञ) महाराज भाजपा नेता श्रीनरेंद्र सिंह,डा अजय पांडेय,पत्रकार सौरभ मिश्र,अरुण उपाध्याय योगेन्द्र चौबे ग्राम प्रधान शत्रुघ्न कन्नौजिया मनिकलाल यादव रवीश पांडेय , आचार्य मधुसूदन उपाध्याय आदि की गरिमामई उपस्थिति श्लाघ्य है।