
आजमगढ़। भगवान निषादराज जन सेवा समिति के तत्वावधान में सामाजिक समरसता और दलित-पिछड़े-अल्पसंख्यक वर्गों की एकजुटता को लेकर एक ऐतिहासिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने तथा राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना रहा ।
बैठक की अध्यक्षता चौधरी सरफराज अंसारी ने की, जबकि संचालन दीपक साहनी गुरु जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक धर्मेंद्र निषाद ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिवेश में यह आवश्यक हो गया है कि समाज के शोषित, वंचित और हाशिए पर खड़े वर्ग एक मंच पर आकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समिति का लक्ष्य केवल हिस्सेदारी की मांग नहीं, बल्कि सभी वर्गों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है ।
बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि विभिन्न जातियों और समुदायों को विभाजित कर उनकी राजनीतिक शक्ति को कमजोर किया जा रहा है। इस अवसर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि संगठन गांव-गांव जाकर सामाजिक एकता का संदेश फैलाएगा और दबे-कुचले लोगों की आवाज बुलंद करेगा ।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। बैठक में आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जिलों से प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया ।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ इकाई आजमगढ़ की वार्षिक बैठक हुई संपन्न