किसान

प्रतिनिधि मण्डल जय किसान आंदोलन ने डीयम को सौपा ज्ञापन

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सिकरौर सहबरी बाजार चौक मेला वाली बाग मे जय किसान आन्दोलन द्वारा जिले की ज्वलंत समस्याओं को लेकर महापंचायत की वहां उपस्थित हजारों किसानो ने सर्वसम्मति से 7 सूत्रीय प्रस्ताव पास किया गया जिसकी प्रति जय किसान -आन्दोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन को सौंपा। जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने कहा कि जिलाधिकारी से वार्ता सकारात्मक रही । जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया कि हम किसानों द्वारा जो भी प्रस्ताव आया है मांगे जायज है जो हमारे स्तर पर है उस पर अविलंब कार्रवाई होगी जो प्रदेश सरकार के स्तर का हम वहां रिपोर्ट भेज देंगे राजनेत यादव ने कहा कि हमारी मुख्य मांगे जैसे आजमगढ़ मंडल की धरती बहुत ही उपजाऊ है यहां हर फसलें अरहर, मटर,चना, मक्का, गन्ना, साग सब्जी, गेहूं, धान, सन सूरज मुखी, आलू आदि सभी फसलें भरपूर मात्रा में होती है परन्तु तीन जानवरों नीलगाय, बनसूअर, तथा छुट्टा गाय सांडों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि सारी फसलें बर्बाद कर दें रहे हैं हद तो यह हो गई है कि लोग साग सब्जी अरहर, मटर, चना, आलू, मक्का आदि बोना ही बन्द कर दिये हैं। कुछ भी नहीं बचा लोग कुपोषण के शिकार हो गए लोगों का जीवन संकट में आ गया है हमारी मांग है कि जिला प्रशासन पुलिस, जंगल विभाग, बहेलिया सफाई कर्मी, मनरेगा मजदूरों आदि लाखों लोगों को लगाकर अविलंब नीलगायों, बनसूअरो, छुट्टा गाय साड़ों को पकड़ कर जंगली जानवरों को जंगलों मे तथा छुट्टा गाय साड़ों को गोशालाओ में संरक्षित किया जाय या जो भी ऐक्शन लेना हो ले हमारी खेती बर्बाद हुयी हो गई है अब हद हो गयी है हम बर्बादी नहीं देख सकते ।
इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे हम बच्चों को भूखों नहीं मरने देंगे राजनेत यादव ने कहा कि दिन में सूर्य के प्रकाश से काम चल जाता है रात्रि में बिना प्रकाश के हम कोई काम नहीं कर सकते इसीलिए बिजली जीवन रक्षकआवश्यक वस्तु में आती है जो हमारे टैक्स के पैसे संचालित होती हैइस पर किसीप्रकार का पैसा नहीं लगना चहिए जब हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे विकशित राज्यों में 300 यूनिट तक बिजली फ्री है। तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं अतः हमारे यहां 300 यूनिट बिजली फ्री किया जाए तथा अब तक की घरेलू बिजली बिल को माफ किया जाय । कृषि विभाग में आत्मा योजना, मेला, बीज वितरण, कृषि यन्त्र पर 80 प्रतिशत छूट आदि सिर्फ कागजों पर चल रही महालूट बन्द हो जिलाधिकारी से मिलने जय किसान आन्दोलन के प्रतिनिधि में शामिल मऊ जिला अध्यक्ष श्यामदेव यादव, आजमगढ़ युवा जिला अध्यक्ष आशीष पटेल, संगम यादव मौजूद थे ।

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चालकों

व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने चालकों की मांगों को लेके सौपा ज्ञापन

“व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने कहा कि चालकों को बेड़िया पहना दी गई हैं जिससे जब कोई भी चाहता है मार कर,लूट कर,बेईज्जत करके चला जाता है उसको लगता है हम गुलाम है अब यह नहीं  चलेगा सरकारों को हमें सुनना होगा और हमारे लिए भी ठोस कदम उठाना पड़ेगा नहीं हम आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं” 

चालकों

व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी देश के तमाम चालकों के मध्यम से गंभीर विषयों पर संज्ञान लेते हुवे कहा कि देशभर के चालकों के भविष्य एवं परिवार के पालन पोषण हेतु सड़कों पर समस्या आए दिन बढ़ती जा रही हैं जो कि देशभर के सारथी चालकों के लिए गंभीर विषय है जैसे कि पुलिस, एवं ट्रैफिक पुलिस परिवहन विभाग का अत्याचार एवं शोषण प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाएं आए दिन संगठन के सामने आती रहती हैं। जिस कारण चालक आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना झेलने के लिए मजबूर है जिसकी वजह से दिल्ली समेत देशभर के चालक अपने परिवार के पालन पोषण हेतु अपनी जिंदगी सड़कों पर अत्याचार एवं असामयिक दुर्घटना के जरिए खत्म हो रही हैं।

 

चालकों

जिस पर केंद्र एवं राज्य सरकारों का ध्यान अभी तक केंद्रित नहीं है अर्थात चालकों की इस जटिल समस्या के मध्य नजर देश की केंद्र सरकार के लिए गंभीर विषय हैं। इतना होने के बावजूद ना तो केंद्र सरकार कोई पहल करने को और न ही हमें सुनने को राजी है |  राज्य सरकारें भी हमारी जिल्लत भरी जिंदगी जीने का कारण है | जबकि देश की दूसरी अर्थव्यवस्था देश के चालकों पर टिकी हुई है।

चालकों

संगठन चाहता है की चालकों के परिवार पालन पोषण एवं चालकों के उज्जवल भविष्य के लिए केंद्र सरकार अपने माध्यम से आदेश पारित करके राष्ट्रीय चालक आयोग का गठन किया जाए एवं राज्य स्तर पर चालक वेलफेयर बोर्ड पर सरकारों को आदेश दिया जाए जिससे कि देशभर चालकों को  राहत मिल सके। शैलेश पाठक ने लोगों को संबोधित करते हुवे कहा हम वही चालक है कि कोई भी इमरजेंसी हो हम अपना सुख-दुख त्याग कर लोगों की सेवा मे लग जाते हैं चाहे वह युद्ध हो,करोना काल हो हम अपनी परवाह न करते हुवे लोगों की सेवा लग जाते हैं |

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किसान

जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत से भरी हुंकार

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       जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत में उमड़ा जन सैलाब 

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जय किसान आंदोलन द्वारा आजमगढ़ जिले के सिकरौर सहबरी  बाजार मेला वाली बाग मे जिला अध्यक्ष बांके लाल यादव की अध्यक्षता में विशाल किसान महापंचायत सपन्न हुई महापंचायत को संबोधित करते हए जय किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत  यादव ने कहा कि बिजली विभाग के लोग यहां के आम नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिये‌ हैं । जबकि बजली हमारी आवश्यक वस्तु में आती है आवश्यक वस्तुओं के लिए हम सरकार को टैक्स देते हैं‌ ।

 

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राजनेट यादव ने कहा कि जब हरियाणा पंजाब दिल्ली जैसे विकसित राज्यों  300 यूनिट तक  बिजली  फ्री  है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं । अब तक की घरेलू बिजली बिल माफ करते हुए 300 यूनिट तक बिजली को फ्री किया जाए । बिजली  विभाग के कर्मचारियों  द्वारा लोगों का बिजली के तार काटना लोगों का शोषण करना अबिलंब बंद करें ।यादव ने कहा कि आजमगढ़ मंडल की धरती बहुत ही उपजाऊ है लेकिन  तीन जानवरों जैसे छुट्टा पशु नीलगाय बनसूअरो आदि का प्रकोप बढ़ गया है जिसके चलते हम लोगों की धरती इतनी उपजाऊ रहने के बावजूद  कुछ भी नहीं पैदा हो पा रहा है । यहां के लोग कुपोषण के  शिकार हो गए हैं ।
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सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है अस्पतालों पर मरीज जा रहे हैं तो डॉक्टर नहीं डॉक्टर है  तो दवा नहीं  अस्पतालों पर लगी सभी लैब  जांच मशीन  शो पीस बन कर रह गई है  कमीशन पर प्राइवेट जांच लैब से जांच कराई जाती है  । जो एक बार किसी प्राइवेट अस्पताल में गया वह गरीबी रेखा में‌ चला जाता है राजनेत यादव ने कहा कि किसी गांव में कोई कुटीर या लघु उद्योग नहीं दिखा हैं पूरी योजना जैसे नाबार्ड , खादी ग्रामोद्योग,आदि रोजगार परक सुविधायें भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गई हैं । जिससे गांव में रोजगार समाप्त हो गया है ।
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 राजनेत यादव ने कहा कि  हर गांव में दो ,2 करोड की लागत से लघु कुटीर उद्योग स्थापित किया जाए  । महापंचायत में  जय किसान आंदोलन के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष न्नन्नी राय ने कहा कि आजमगढ़ की इस लड़ाई में हमारी पश्चिम बंगाल की पूरी टीम इस संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी । जब भी आवश्यकता पड़ेगी भले ही हमें जेल जाना पड़े तो परवाह नहीं । राय ने कहा कि यहां सत्य की लड़ाई है सभी  लोगों को साथ देना चाहिए ।
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नोएडा से आए किसान नेता करतार सिंह चौहान ने कहा कि आजमगढ़ महापंचाय में पास हुए प्रस्ताव पर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हम किसान आजमगढ़ में आकर बैठ जाएंगे आजमगढ़ में डेरा डालेंगें सरकार हमें हल्के मे ना ले जिस दिन जनता अपने अधिकार को जान जाएगी भ्रष्टाचारीयों को भागने की जगह भी नहीं मिलेगी महापंचायत को रामजनम यादव , रामयश यादव , गुलाम वारिस, प्रिंस चौहान, संगीता, श्यामदेव यादव जगदीश मौर्य आदि लोगों ने सम्बोधित किया संचालन जिला युवा अध्यक्ष आशीष पटेल ने किया ।

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कुश्ती

विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर किया गया बालिका कुश्ती का आयोजन….. अमरजीत यादव

कुश्ती

विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के प्रांगण में राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में बालक एवं बालिका कुश्ती ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कुश्ती प्रतियोगिता के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर बालक एवं बालिकाओं को कुश्ती खेल की विशेषताओं एवं देश में कुश्ती की उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल से जुड़ने की अपील करते हुए अमरजीत यादव ने कहा कि दुनिया में खेल ही एक ऐसा माध्यम है कि गांव गरीब व किसान के बच्चों को भी कम से कम खर्च में खेल से जोड़कर खिलाड़ियों का भविष्य संवारने का प्रयास किया जा सकता है |
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कुश्ती आदि व अनादि काल से चलती चली आ रही खेल विधा है जिसका प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों तक फैला हुआ है जिसका मार्ग दर्शन व प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में भी निःशुल्क भी उपलब्ध हो जाता है लेकिन आधुनिकता के दौर में तकनीकी युक्ति कुश्ती के प्रशिक्षण हेतु योग्य एवं कुशल प्रशिक्षक का मार्गदर्शन अति आवश्यक है जो मिट्टी के स्थान पर मैट पर होता है इसके लिए राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के सहयोगी अरविंद यादव संतोष मनीष गुप्ता तथा रामप्रवेश यादव ने कहा कि अगर कम से कम हर व्लाक स्तर पर एक स्टेडियम का निर्माण कराकर गांवों में दवी प्रतिभाओं को अवसर दिया जाय तो देश में बड़ी संख्या में खिलाड़ी मिलेंगे इस अवसर पर अमरजीत यादव ने कहा कि बालकों के साथ बालिकाओं को भी खेल से जोड़कर आगे बढ़ाना हम लोगों का लक्ष्य है जिसके लिए हर व्लाक में भगत सिंह खेल अकादमी के माध्यम से कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है |
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अमरजीत यादव ने कहा कि आज से लेकर विश्व ओलंपिक दिवस तक खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान के अन्तर्गत जगह जगह पर समर कैंप का आयोजन कर बालक और बालिकाओं को कुश्ती खेल से जोड़ने का काम किया जाएगा जो पिछले आठ वर्षों से होता चला आ रहा है इस अवसर पर ग्राम प्रधान हंसराज यादव चन्द्र देव यादव डॉ आदित्य सिंह रामप्रवेश मिथिलेश चन्द्रशेखर आर्यन रामफल सुरेन्द्र तथा सैकड़ों सम्मानित सदस्य एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

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कला

कला संवाद और प्रशिक्षण का प्रभावी आयोजन

उत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन

The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. Whenउत्तरा आर्ट गैलरी में तैल रंग का जीवंत प्रदर्शन conducted systematically, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions. ![Art](<https://appmnews.com/wp-content/uploads/2025/05/WhatsApp-Image-2025-05-18-at-1.34.06-PM-1.jpeg> =1280×853) The effective organization of Art Dialogues and Training significantly enhances the cultural learning experience. When conducted systematically at Uttar Art Gallery, it fosters a deeper understanding and appreciation of diverse forms of art. By facilitating meaningful discussions and skill development, participants can cultivate a more profound connection with artistic expressions. कला

देहरादून। एमडीडीए कॉम्प्लेक्स, घंटाघर स्थित उत्तरा आर्ट गैलरी में चल रही चित्रकला प्रदर्शनी ने एक बार फिर से कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और दर्शकों को रंगों की दुनिया से जोड़ दिया है। यह प्रदर्शनी स्वर्गीय चित्रकार कृतिका उनियाल की द्वितीय पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है, जो केवल कलाकृतियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला संवाद, प्रशिक्षण और तकनीकी पक्षों की गहन समझ का भी मंच बन गई है।
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा तैल रंगों का जीवंत प्रदर्शन (Live Demonstration), जिसे चित्ररेखा आर्ट इंस्टिट्यूट के संस्थापक और उत्तराखंड के जाने-माने चित्रकार मो. मोइन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को न केवल तैल चित्रण की बारीकियों से अवगत कराया, बल्कि तकनीक, ब्रश स्ट्रोक्स, रंग संयोजन और विषय चयन के व्यावहारिक पक्षों को भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। उनका प्रदर्शन देखने आए कला प्रेमियों ने चित्रकला की गहराइयों को प्रत्यक्ष अनुभव किया।

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इस अवसर पर ‘आवाज सुनो पहाड़ों की’ संस्था के निर्देशक नरेंद्र रौथान की शैली पर आधारित एक विशेष रंग चित्रण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके चित्रण शैली के विविध पक्षों को समझाया गया। यह प्रस्तुति कला अभ्यास की बहुआयामी समझ विकसित करने में सहायक रही।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह केवल चित्र प्रदर्शनी न होकर एक सजीव प्रशिक्षण सत्र के रूप में भी संचालित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को चित्रकला के तकनीकी, सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को सीखने का अवसर मिला। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि हर आगंतु, विशेषकर छात्रवर्ग न केवल कला को देखे, बल्कि उसकी गहराई में जाकर उसे समझे और आत्मसात कर सके। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में संस्था के सचिव यशपाल सिंह उनियाल, वरिष्ठ चित्रकार भरत भंडारी, डॉ. राजकुमार पांडेय, श्रद्धा शुक्ला, मनोज रावत, मुक्ता जोशी, शमशेर वारसी, संगीता कुमार प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं जैसे देवांशी, प्रज्ञा, रिया, सुबोध नेगी, मीनाक्षी नेगी एवं तनीषा कुमारी की सक्रिय सहभागिता ने प्रदर्शनी को और भी समृद्ध बना दिया।

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यह आयोजन कला को केवल एक प्रदर्शन मात्र न मानते हुए उसे एक संवाद, एक शिक्षण और एक अनुभूति के रूप में प्रस्तुत करता है। यह निस्संदेह उत्तराखंड की कला संस्कृति को संजीवनी देने वाला और नवांकुर कलाकारों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त प्रयास है।
प्रदर्शनी आगामी दिनों तक जारी रहेगी और इसमें विभिन्न कला कार्यशालाएं, संवाद सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के कला जगत के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध होंगे। आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और रंगों की इस जीवंत यात्रा का हिस्सा बनें।
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मेधावी

मेधावी प्रतिभा वान खिलाड़ियों का उत्साह एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

मेधावी

दिनांक 15 मई 2025 दिन गुरुवार को भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के प्रांगण में राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में प्रतिभा वान खिलाड़ियों को उत्साह वर्धन हेतु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया इस अवसर पर जनपद स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालक बालिकाओं को लड्डू खिलाकर उत्साह वर्धन करते हुए सम्मानित किया गया अमरजीत यादव ने बताया कि 15 वर्षीय बालक एवं बालिकाओं में गौरी प्रजापति संदीप यादव इंद्रेश तथा मधु विश्वकर्मा 18 मई से आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता जिसका आयोजन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में होने वाला है |

मेधावी

उसमें आजमगढ़ जिले की तरफ से प्रतिभाग करेंगे | ग्राम प्रधान हंसराज यादव ने कहा कि हमें बहुत ही गर्व है कि हमारे एकेडमी के खिलाड़ी पूरे प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं डॉ आदित्य सिंह ने कहा कि इतनी कम समय में तथा सुविधा एवं संसाधन के अभाव में भी इस तरह की उपलब्धि से खिलाड़ियों में काफी उत्साह है अमरजीत यादव ने कहा कि अगर इसी तरह क्षेत्रवासियों का सहयोग मिलता रहा तो बच्चियाँ एक नया इतिहास बनाएगी | इस अवसर पर चन्द्रदेव यादव प्रबंधक सुरेन्द्र यादव रामप्रवेश संतोष ज्ञान चंद चन्द्रशेखर आर्यन तथा अन्य सम्मानित क्षेत्र वासी उपस्थित रहे समस्त सम्मानित क्षेत्र वासियों ने खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे थे |

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पहलवान

भाजपा नेता विजय शाह के ऊपर कायम हो देशद्रोह का मुकदमा…..अमरजीत यादव

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भाजपा नेता विजय शाह के ऊपर कायम हो देशद्रोह का मुकदमा…..अमरजीत यादव

हमारे देश में आपरेशन सिंदूर में अपना भरपूर योगदान कर देश की रक्षा एवं स्वाभिमान हेतु समर्पित बहन सोफिया कुरैशी के उपर अभद्र टिप्पणी करने वाले आतंकवादियों की बहन कहने वाले भाजपा के विधायक विजय शाह के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए प्रधानमंत्री जी को इस देश द्रोही के बयान पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए मोदी जी जबाब दिजिए कहा गया नारी सम्मान और सैनिक सम्मान का संकल्प राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन होना चाहिए |

किसान

जब तक विजय शाह के ऊपर कार्यवाही नहीं हो जाती यही हमारा देश है कि दाल मांगने वाले सैनिक के ऊपर देशद्रोही कहकर कार्यवाही हो जाती है और दाल पैदा करने वाले किसानों के उपर अपने हक अधिकार मांगने पर देशद्रोही कहकर मुकदमा हो जाता है लेकिन इस तथाकथित रामराज में अत्याचार करने वालों पर नहीं अत्याचार सहने वालों पर कार्रवाई होती है कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि हमारे देश के सत्ता के मद में चूर नेता और मंत्री को क्या बोलना चाहिए उनको यह भी पता नहीं है इसलिए देश के नौजवान किसान और मजदूर सभी लोगों को यह संकल्प लेना चाहिए कि में हर देशवासियों को आजादी मिली है उसे आजादी की सीमा वहीं समाप्त हो जाती है जहां किसी दूसरे की आजादी को बाधा उत्पन्न होती है।

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गर्मी

रुलाती गर्मी 2025

गर्मी

रुलाती गर्मी 2025

भारत में गर्मी के प्रभावों में स्वास्थ्य, कृषि, पानी की आपूर्ति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, और सामाजिक पहलुओं को शामिल किया गया है। यह नोट वर्तमान समय (14 मई, 2025, दोपहर 1:40 IST) के आधार पर तैयार किया गया है और नवीनतम आंकड़ों और पूर्वानुमानों पर आधारित है।
भारत में गर्मी की लहरें, विशेष रूप से अप्रैल से जून के बीच, हर साल गंभीर चुनौतियां पेश करती हैं। 2025 में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अप्रैल से जून तक तापमान के सामान्य से अधिक रहने और लंबी गर्मी की लहरों की भविष्यवाणी की है यह रिपोर्ट 2024 के रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद आती है, जब चुरू, राजस्थान में तापमान 50.5°C तक पहुंच गया था और 37 शहरों में 45°C से ऊपर का तापमान दर्ज किया गया

पृथ्वी दिवस

स्वास्थ्य पर प्रभाव

गर्मी की लहरों से स्वास्थ्य पर सबसे गंभीर असर पड़ता है, विशेष रूप से लू, निर्जलीकरण, और अन्य गर्मी संबंधित बीमारियों के रूप में। 2024 में, मार्च से जून के बीच 17 राज्यों में 700 से अधिक मौतें हुईं, और 25,000 से अधिक लोग गर्मी से बीमार पड़े 2025 में, गर्मी की शुरुआत फरवरी/मार्च से ही हो गई, जो एक चिंताजनक  है | विवाद यह भी है कि आधिकारिक आंकड़े गर्मी से होने वाली मौतों को कम करके दिखाते हैं, क्योंकि कई मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र में गर्मी को सीधा कारण नहीं माना जाता । यह अंडरकाउंटिंग भविष्य की तैयारी को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब संसाधन पहले से ही तनाव में हैं।

कृषि और पर्यावरण पर असर

कृषि क्षेत्र गर्मी से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उच्च तापमान और कम पानी की उपलब्धता से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह फसल उत्पादन में कमी और खाद्य कीमतों में वृद्धि का कारण बन सकता है । पर्यावरणीय रूप से, शुष्क मौसम जंगलों में आग लगने की घटनाओं को बढ़ा रहा है, जो वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों को खतरे में डाल रहा है। जनवरी से मार्च 2025 तक यूरोशियाई बर्फ ढकाव सामान्य से काफी कम रहा, जिससे गर्मी की तीव्रता और बढ़ी पानी की कमी और दैनिक जीवन पर प्रभाव गर्मी के कारण वाष्पीकरण बढ़ने से और पानी की मांग बढ़ने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पानी की कमी हो रही है। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में गंभीर है जहां भूजल स्तर पहले से ही कम है | दैनिक जीवन में, लोग सबसे गर्म समय (दोपहर 12 से 3 बजे) से बचने के लिए सुबह या शाम को काम कर रहे हैं, जिससे उत्पादकता कम हो रही है। बिजली की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि एयर कंडीशनर और कूलर का उपयोग बढ़ गया है, जिससे पावर कट की संभावना बढ़ गई है

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

आर्थिक रूप से, गर्मी से मजदूरों और बाहरी काम करने वालों की उत्पादकता कम हो रही है, विशेष रूप से निर्माण और कृषि क्षेत्र में। यह अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। सामाजिक रूप से, कमजोर समूह जैसे बुजुर्ग, बच्चे, और गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन बढ़ जाता है, जिससे शहरी बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ता है 

तापमान और चेतावनी

IMD ने अप्रैल से जून 2025 तक तापमान के सामान्य से अधिक रहने की भविष्यवाणी की है, जिसमें पश्चिमी भारत में 7-8 अतिरिक्त गर्मी के दिन हो सकते हैं। अप्रैल, 2025 मे ही दिल्ली में 40.2°C, फलौदी (राजस्थान) में 43.6°C, और बाड़मेर (राजस्थान) में 45.6°C दर्ज किया गया राजस्थान के लिए लाल चेतावनी और दिल्ली के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है।

किसान

2025 के लिए गर्मी के प्रमुख प्रभाव

प्रभाव का क्षेत्र
विवरण
उदाहरण/आंकड़े
स्वास्थ्य
लू और निर्जलीकरण से मौतें बढ़ीं
2024 में 700+ मौतें, 2025 में संभावित वृद्धि
कृषि
फसलों को नुकसान, खाद्य आपूर्ति प्रभावित
राजस्थान, गुजरात में नुकसान
पानी की कमी
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी
भूजल स्तर में कमी
आर्थिक
उत्पादकता कम, बिजली की मांग बढ़ी
पावर कट की संभावना
पर्यावरण
जंगल की आग, पारिस्थितिक तंत्र पर असर
यूरोशियाई बर्फ ढकाव कम
सामाजिक
कमजोर समूह प्रभावित, ग्रामीण से शहरी पलायन
बुजुर्ग, बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
गर्मी
गर्मी की लहरों की अवधि और तीव्रता में वृद्धि जलवायु परिवर्तन का परिणाम है। 20वीं सदी की शुरुआत से भूमि का तापमान लगभग 0.8°C बढ़ गया है, और 2024 को विश्व मौसम संगठन ने रिकॉर्ड तोड़ गर्म साल के रूप में घोषित किया |

 

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भारत

ऑपरेशन सिंदूर

सिंदूर

“ऑपरेशन सिंदूर”

भारत द्वारा 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर ( पाक अधिकृत कश्मीर ) में आतंकी ठिकानों पर की गई एक सैन्य कार्रवाई का कोडनेम है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू की गई थी, जिसमें 26 लोग, मुख्य रूप से पर्यटक, मारे गए थे। इस हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया था, जिसके कारण कई महिलाएं विधवा हो गई थीं।

“ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव और परिणाम”

  • “सिंदूर” हिंदू संस्कृति में विवाहित महिलाओं द्वारा मांग या माथे पर लगाया जाने वाला लाल या नारंगी-लाल पाउडर है, जो वैवाहिक स्थिति, सौभाग्य और पति की दीर्घायु का प्रतीक है। पहलगाम हमले में मारे गए पुरुषों की पत्नियों के सिंदूर को आतंकियों द्वारा “उजाड़ने” के प्रतीक के रूप में, इस ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” रखा गया। यह नाम न केवल पीड़ित विधवाओं के दुख को दर्शाता है, बल्कि भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ प्रतिशोध और न्याय की भावना को भी व्यक्त करता है।
  • ऑपरेशन का नामकरण भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, जो पहलगाम हमले की विधवाओं की पीड़ा और राष्ट्र की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है। यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की “न्यायपूर्ण और शक्तिशाली” प्रतिक्रिया का प्रतीक है।
  • ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था, जो भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाते थे।
  • भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयास से 6-7 मई 2025 की रात 01:05 से 01:30 बजे के बीच नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इनमें बहावलपुर (JeM का मार्कज सुभान अल्लाह), मुरीदके (LeT का आधार), और मुजफ्फराबाद (सैयदना बिलाल कैंप) जैसे स्थान शामिल थे।
  • सटीक गाइडेड मुनिशन, SCALP और HAMMER मिसाइलों, और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया ताकि नागरिक हताहतों से बचा जा सके। हमले भारतीय हवाई क्षेत्र से किए गए, और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया।
  • ऑपरेसन सिंदूर में 80-100 आतंकवादी मारे गए, जिनमें JeM नेता अब्दुल रऊफ अजहर जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। पाकिस्तान ने दावा किया कि 26 नागरिक मारे गए, जिसे भारत ने खारिज करते हुए कहा कि केवल आतंकी ठिकाने निशाना बने।

  • ऑपरेशन को देश भर में व्यापक समर्थन मिला। राजनीतिक दलों, नागरिकों और खेल हस्तियों ने इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया। पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवारों ने इसे “न्याय” करार दिया।

  • पाकिस्तान ने हमलों को “नागरिकों पर हमला” करार दिया और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद सीमा पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों की कोशिशें हुईं, जिन्हें भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया।

  • बेलारूस, सिंगापुर, कतर और यूके जैसे देशों ने दोनों पक्षों से संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की।

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