सरकार की विशेष योजना में panchayat bhawan पर विधिवत निगरानी रखी जा रही हैं। आने वाले समय में पंचायत चुनावों का माहौल शुरू होने वाला है। इसलिए अधिकारियों को पंचायत पर साफ सफाई रखने की सलाह दी जाती है।
अधिकारियों का होता नहीं पंचायत दौरा कागजों में रह जाती है नीरक्षण की कार्यवाही :-
किसी भी देश का राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि वह देश की अस्मिता, गर्व, और एकता का प्रतीक होता है। जब वही तिरंगा, जो वीरों के बलिदान और देश की शान का प्रतीक है, फटा और मुरझाया हुआ किसी सरकारी भवन पर लहराता दिखता है, तो यह दृश्य हर भारतीय के दिल को चुभता है।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 :-
हाल ही में यह पंचायत भवन दुर्वासा पर देखा गया कि राष्ट्रीय ध्वज पुराना और फटा हुआ अवस्था में लगा हुआ है। स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, पर यह केवल एक अनदेखी नहीं बल्कि राष्ट्रध्वज का अपमान है। भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार, फटा या गंदा झंडा लगाना अस्वीकार्य है। ऐसे झंडों को सम्मानपूर्वक उतारकर विधिवत नष्ट करना चाहिए।यह दु:ख की बात है कि जिस भवन से जनता के हितों की योजनाएँ संचालित होती हैं, वहीं से राष्ट्र के गौरव का अपमान भी हो रहा है।
PANCHAYAT BHAWAN प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों पर तुरंत ध्यान दिया जाए। नया, स्वच्छ और सुव्यवस्थित झंडा लगाना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह देशभक्ति की पहचान है।हर नागरिक को भी अपने आस-पास के सार्वजनिक स्थलों पर लगे झंडों की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। यदि कहीं फटा या गलत तरीके से लगाया गया झंडा दिखे, तो संबंधित अधिकारी या प्रशासन को इसकी जानकारी देनी चाहिए। राष्ट्र सम्मान की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है ।
जय किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष का तूफानी दौरा
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