मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की पहल: नन्ही डांसर आरुषि के घर पहुंचे समाजसेवी अरुण कुमार व कुलदीप कौर

मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की पहल: नन्ही डांसर आरुषि के घर पहुंचे समाजसेवी अरुण कुमार व कुलदीप कौर: आजमगढ़ के जमीनकटघर गांव में नन्ही डांसर आरुषि से मिले समाजसेवी अरुण कुमार और कुलदीप कौर। बच्चों को मोबाइल की लत से बचाकर कला, नृत्य और खेल से जोड़ने की सरकार से अपील।

मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की पहल
मोबाइल की लत से बच्चों को बचाने की पहल

 

आजमगढ़, निजामाबाद | 15 जनवरी 2026 | संवाददाता

राष्ट्रीय प्रमुख समाजसेवी अरुण कुमार एवं समाजसेविका कुलदीप कौर गुरुवार को ग्राम जमीन कटघर, तहसील निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर अपने नृत्य से पहचान बना चुकी नन्ही बच्ची नृत्यांगना आरुषि के घर जाकर परिवार से मुलाकात की और बच्ची की प्रतिभा की सराहना की।

आर्थिक अभाव बना प्रतिभा के विकास में बाधा

समाजसेवियों ने कहा कि आरुषि जैसी अनेक प्रतिभाशाली बच्चियां केवल इसलिए आगे नहीं बढ़ पातीं क्योंकि वे गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं। न तो उन्हें उचित प्रशिक्षण मिल पाता है और न ही मंच। नतीजतन उनकी कला गांव की सीमाओं में ही सिमट कर रह जाती है।

मोबाइल बनता जा रहा बच्चों के भविष्य का दुश्मन

अरुण कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि आज का बच्चा मोबाइल का गुलाम बनता जा रहा है। छोटी उम्र में मोबाइल गेम और सोशल मीडिया की लत बच्चों की आंखों, दिमाग और मानसिक संतुलन पर बुरा असर डाल रही है। कई मामलों में बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हुई है और कुछ की जान तक चली गई है।

सरकार से विशेष योजना लाने की मांग

समाजसेवियों ने भारत सरकार, महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्रीय व राज्य शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि—

  • गांव-गांव प्रतिभाशाली बच्चों का सर्वे कराया जाए

  • कला, नृत्य, नाटक और खेलकूद के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराए जाएं

  • गरीब, पिछड़े और अनुसूचित वर्ग के बच्चों को प्रोत्साहन राशि दी जाए

  • ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा शुरू की जाए

महापुरुषों पर आधारित नाटक और सांस्कृतिक मंचन का सुझाव

उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और गांवों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाएं, जिनमें बच्चे भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसे महापुरुषों के जीवन पर आधारित भूमिकाएं निभाएं, ताकि देशभक्ति, संस्कार और इतिहास से जुड़ाव बढ़े।

“बेटियां आगे बढ़ेंगी तो देश आगे बढ़ेगा”

कुलदीप कौर ने कहा कि बच्चियों को आगे बढ़ाना केवल सरकार ही नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जब बेटियां सशक्त होंगी, तभी भारत का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा।

समाज और सरकार से अपील

समाजसेवियों ने अपील की कि बच्चों को मोबाइल की लत से निकालकर कला, खेल और संस्कृति से जोड़ा जाए। यही एक स्वस्थ, शिक्षित और मजबूत भारत की नींव है।

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