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लुटेरों ने जनसेवा संचालक को बनाया निशाना

जनपद के आज़मगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र के परसहा अंडरपास के पास सोमवार रात करीब नौ बजे तीन लुटेरों ने जन सेवा केंद्र संचालक सुरेंद्र को निशाना बनाया। कोटिया जहांगीरपुर निवासी सुरेंद्र बनगांव बाजार में जन सेवा केंद्र चलाते हैं। रात में केंद्र बंद कर घर लौटते समय लुटेरों ने उनकी स्कूटी रोककर मारपीट की और थाना डायल 112 के जरिए पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि, लुटेरों का निजामाबाद जनपद 84 हजार रुपये नकद, चेकबुक, फिंगरप्रिंट मशीन व जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग लूट लिया। पीड़ित ने आज़मगढ़ बताया कि इस घटना में उन्हें करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते हीकोई सुराग नहीं मिलसका। निजामाबाद थानाध्यक्ष हीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित की ओर से अभी तक लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और लुटेरों की तलाश में जुटी है।
प्रतिनिधि मण्डल जय किसान आंदोलन ने डीयम को सौपा ज्ञापन

सिकरौर सहबरी बाजार चौक मेला वाली बाग मे जय किसान आन्दोलन द्वारा जिले की ज्वलंत समस्याओं को लेकर महापंचायत की वहां उपस्थित हजारों किसानो ने सर्वसम्मति से 7 सूत्रीय प्रस्ताव पास किया गया जिसकी प्रति जय किसान -आन्दोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन को सौंपा। जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने कहा कि जिलाधिकारी से वार्ता सकारात्मक रही । जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया कि हम किसानों द्वारा जो भी प्रस्ताव आया है मांगे जायज है जो हमारे स्तर पर है उस पर अविलंब कार्रवाई होगी जो प्रदेश सरकार के स्तर का हम वहां रिपोर्ट भेज देंगे राजनेत यादव ने कहा कि हमारी मुख्य मांगे जैसे आजमगढ़ मंडल की धरती बहुत ही उपजाऊ है यहां हर फसलें अरहर, मटर,चना, मक्का, गन्ना, साग सब्जी, गेहूं, धान, सन सूरज मुखी, आलू आदि सभी फसलें भरपूर मात्रा में होती है परन्तु तीन जानवरों नीलगाय, बनसूअर, तथा छुट्टा गाय सांडों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि सारी फसलें बर्बाद कर दें रहे हैं हद तो यह हो गई है कि लोग साग सब्जी अरहर, मटर, चना, आलू, मक्का आदि बोना ही बन्द कर दिये हैं। कुछ भी नहीं बचा लोग कुपोषण के शिकार हो गए लोगों का जीवन संकट में आ गया है हमारी मांग है कि जिला प्रशासन पुलिस, जंगल विभाग, बहेलिया सफाई कर्मी, मनरेगा मजदूरों आदि लाखों लोगों को लगाकर अविलंब नीलगायों, बनसूअरो, छुट्टा गाय साड़ों को पकड़ कर जंगली जानवरों को जंगलों मे तथा छुट्टा गाय साड़ों को गोशालाओ में संरक्षित किया जाय या जो भी ऐक्शन लेना हो ले हमारी खेती बर्बाद हुयी हो गई है अब हद हो गयी है हम बर्बादी नहीं देख सकते ।
इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे हम बच्चों को भूखों नहीं मरने देंगे राजनेत यादव ने कहा कि दिन में सूर्य के प्रकाश से काम चल जाता है रात्रि में बिना प्रकाश के हम कोई काम नहीं कर सकते इसीलिए बिजली जीवन रक्षकआवश्यक वस्तु में आती है जो हमारे टैक्स के पैसे संचालित होती हैइस पर किसीप्रकार का पैसा नहीं लगना चहिए जब हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे विकशित राज्यों में 300 यूनिट तक बिजली फ्री है। तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं अतः हमारे यहां 300 यूनिट बिजली फ्री किया जाए तथा अब तक की घरेलू बिजली बिल को माफ किया जाय । कृषि विभाग में आत्मा योजना, मेला, बीज वितरण, कृषि यन्त्र पर 80 प्रतिशत छूट आदि सिर्फ कागजों पर चल रही महालूट बन्द हो जिलाधिकारी से मिलने जय किसान आन्दोलन के प्रतिनिधि में शामिल मऊ जिला अध्यक्ष श्यामदेव यादव, आजमगढ़ युवा जिला अध्यक्ष आशीष पटेल, संगम यादव मौजूद थे ।
व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने चालकों की मांगों को लेके सौपा ज्ञापन
“व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी ने कहा कि चालकों को बेड़िया पहना दी गई हैं जिससे जब कोई भी चाहता है मार कर,लूट कर,बेईज्जत करके चला जाता है उसको लगता है हम गुलाम है अब यह नहीं चलेगा सरकारों को हमें सुनना होगा और हमारे लिए भी ठोस कदम उठाना पड़ेगा नहीं हम आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं”
व्यवसायिक ड्राईबर एकता सोसायटी देश के तमाम चालकों के मध्यम से गंभीर विषयों पर संज्ञान लेते हुवे कहा कि देशभर के चालकों के भविष्य एवं परिवार के पालन पोषण हेतु सड़कों पर समस्या आए दिन बढ़ती जा रही हैं जो कि देशभर के सारथी चालकों के लिए गंभीर विषय है जैसे कि पुलिस, एवं ट्रैफिक पुलिस परिवहन विभाग का अत्याचार एवं शोषण प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाएं आए दिन संगठन के सामने आती रहती हैं। जिस कारण चालक आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना झेलने के लिए मजबूर है जिसकी वजह से दिल्ली समेत देशभर के चालक अपने परिवार के पालन पोषण हेतु अपनी जिंदगी सड़कों पर अत्याचार एवं असामयिक दुर्घटना के जरिए खत्म हो रही हैं।
जिस पर केंद्र एवं राज्य सरकारों का ध्यान अभी तक केंद्रित नहीं है अर्थात चालकों की इस जटिल समस्या के मध्य नजर देश की केंद्र सरकार के लिए गंभीर विषय हैं। इतना होने के बावजूद ना तो केंद्र सरकार कोई पहल करने को और न ही हमें सुनने को राजी है | राज्य सरकारें भी हमारी जिल्लत भरी जिंदगी जीने का कारण है | जबकि देश की दूसरी अर्थव्यवस्था देश के चालकों पर टिकी हुई है।
संगठन चाहता है की चालकों के परिवार पालन पोषण एवं चालकों के उज्जवल भविष्य के लिए केंद्र सरकार अपने माध्यम से आदेश पारित करके राष्ट्रीय चालक आयोग का गठन किया जाए एवं राज्य स्तर पर चालक वेलफेयर बोर्ड पर सरकारों को आदेश दिया जाए जिससे कि देशभर चालकों को राहत मिल सके। शैलेश पाठक ने लोगों को संबोधित करते हुवे कहा हम वही चालक है कि कोई भी इमरजेंसी हो हम अपना सुख-दुख त्याग कर लोगों की सेवा मे लग जाते हैं चाहे वह युद्ध हो,करोना काल हो हम अपनी परवाह न करते हुवे लोगों की सेवा लग जाते हैं |
जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत से भरी हुंकार
जय किसान आंदोलन ने आजमगढ़ में तीसरी महापंचयत में उमड़ा जन सैलाब
जय किसान आंदोलन द्वारा आजमगढ़ जिले के सिकरौर सहबरी बाजार मेला वाली बाग मे जिला अध्यक्ष बांके लाल यादव की अध्यक्षता में विशाल किसान महापंचायत सपन्न हुई महापंचायत को संबोधित करते हए जय किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने कहा कि बिजली विभाग के लोग यहां के आम नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिये हैं । जबकि बजली हमारी आवश्यक वस्तु में आती है आवश्यक वस्तुओं के लिए हम सरकार को टैक्स देते हैं ।
राजनेट यादव ने कहा कि जब हरियाणा पंजाब दिल्ली जैसे विकसित राज्यों 300 यूनिट तक बिजली फ्री है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं । अब तक की घरेलू बिजली बिल माफ करते हुए 300 यूनिट तक बिजली को फ्री किया जाए । बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा लोगों का बिजली के तार काटना लोगों का शोषण करना अबिलंब बंद करें ।यादव ने कहा कि आजमगढ़ मंडल की धरती बहुत ही उपजाऊ है लेकिन तीन जानवरों जैसे छुट्टा पशु नीलगाय बनसूअरो आदि का प्रकोप बढ़ गया है जिसके चलते हम लोगों की धरती इतनी उपजाऊ रहने के बावजूद कुछ भी नहीं पैदा हो पा रहा है । यहां के लोग कुपोषण के शिकार हो गए हैं ।
सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है अस्पतालों पर मरीज जा रहे हैं तो डॉक्टर नहीं डॉक्टर है तो दवा नहीं अस्पतालों पर लगी सभी लैब जांच मशीन शो पीस बन कर रह गई है कमीशन पर प्राइवेट जांच लैब से जांच कराई जाती है । जो एक बार किसी प्राइवेट अस्पताल में गया वह गरीबी रेखा में चला जाता है राजनेत यादव ने कहा कि किसी गांव में कोई कुटीर या लघु उद्योग नहीं दिखा हैं पूरी योजना जैसे नाबार्ड , खादी ग्रामोद्योग,आदि रोजगार परक सुविधायें भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गई हैं । जिससे गांव में रोजगार समाप्त हो गया है ।
राजनेत यादव ने कहा कि हर गांव में दो ,2 करोड की लागत से लघु कुटीर उद्योग स्थापित किया जाए । महापंचायत में जय किसान आंदोलन के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष न्नन्नी राय ने कहा कि आजमगढ़ की इस लड़ाई में हमारी पश्चिम बंगाल की पूरी टीम इस संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी । जब भी आवश्यकता पड़ेगी भले ही हमें जेल जाना पड़े तो परवाह नहीं । राय ने कहा कि यहां सत्य की लड़ाई है सभी लोगों को साथ देना चाहिए ।
नोएडा से आए किसान नेता करतार सिंह चौहान ने कहा कि आजमगढ़ महापंचाय में पास हुए प्रस्ताव पर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हम किसान आजमगढ़ में आकर बैठ जाएंगे आजमगढ़ में डेरा डालेंगें सरकार हमें हल्के मे ना ले जिस दिन जनता अपने अधिकार को जान जाएगी भ्रष्टाचारीयों को भागने की जगह भी नहीं मिलेगी महापंचायत को रामजनम यादव , रामयश यादव , गुलाम वारिस, प्रिंस चौहान, संगीता, श्यामदेव यादव जगदीश मौर्य आदि लोगों ने सम्बोधित किया संचालन जिला युवा अध्यक्ष आशीष पटेल ने किया ।
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में समर कैंप का हुआ शानदार शुभारंभ
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, बनकट (आज़मगढ़) में 22 मई को समर कैंप का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के …
विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर किया गया बालिका कुश्ती का आयोजन….. अमरजीत यादव
विश्व कुश्ती दिवस के अवसर पर भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के प्रांगण में राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में बालक एवं बालिका कुश्ती ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कुश्ती प्रतियोगिता के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर बालक एवं बालिकाओं को कुश्ती खेल की विशेषताओं एवं देश में कुश्ती की उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल से जुड़ने की अपील करते हुए अमरजीत यादव ने कहा कि दुनिया में खेल ही एक ऐसा माध्यम है कि गांव गरीब व किसान के बच्चों को भी कम से कम खर्च में खेल से जोड़कर खिलाड़ियों का भविष्य संवारने का प्रयास किया जा सकता है |
कुश्ती आदि व अनादि काल से चलती चली आ रही खेल विधा है जिसका प्रचलन ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों तक फैला हुआ है जिसका मार्ग दर्शन व प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में भी निःशुल्क भी उपलब्ध हो जाता है लेकिन आधुनिकता के दौर में तकनीकी युक्ति कुश्ती के प्रशिक्षण हेतु योग्य एवं कुशल प्रशिक्षक का मार्गदर्शन अति आवश्यक है जो मिट्टी के स्थान पर मैट पर होता है इसके लिए राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के सहयोगी अरविंद यादव संतोष मनीष गुप्ता तथा रामप्रवेश यादव ने कहा कि अगर कम से कम हर व्लाक स्तर पर एक स्टेडियम का निर्माण कराकर गांवों में दवी प्रतिभाओं को अवसर दिया जाय तो देश में बड़ी संख्या में खिलाड़ी मिलेंगे इस अवसर पर अमरजीत यादव ने कहा कि बालकों के साथ बालिकाओं को भी खेल से जोड़कर आगे बढ़ाना हम लोगों का लक्ष्य है जिसके लिए हर व्लाक में भगत सिंह खेल अकादमी के माध्यम से कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है |
अमरजीत यादव ने कहा कि आज से लेकर विश्व ओलंपिक दिवस तक खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान के अन्तर्गत जगह जगह पर समर कैंप का आयोजन कर बालक और बालिकाओं को कुश्ती खेल से जोड़ने का काम किया जाएगा जो पिछले आठ वर्षों से होता चला आ रहा है इस अवसर पर ग्राम प्रधान हंसराज यादव चन्द्र देव यादव डॉ आदित्य सिंह रामप्रवेश मिथिलेश चन्द्रशेखर आर्यन रामफल सुरेन्द्र तथा सैकड़ों सम्मानित सदस्य एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।
काँटा-काँटे से निकाला जाता है, फूल से नहीं – लेखक रामकेश एम. यादव
आजमगढ़, गाँव तेजपुर,ब्लॉक व तहसील मार्टिनगंज के मूल निवासी रॉयल्टी प्राप्त कवि, गीतकार व वरिष्ठ लेखक रामकेश एम. यादव मुंबई ने अपने गृह जनपद आज़मगढ़ के एक प्रेस वार्ता में पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार आतंकवादिओं के खिलाफ जो सख्त कदम उठाई और आगे उठायेगी, बिलकुल वाजिब है क्योंकि काँटा-काँटे से निकलता है, फूल से नहीं। चार बार मुँह की खाने के बावजूद भी पाकिस्तान सुधरकर हमारा एक अच्छा पड़ोसी नहीं बन सका, तकलीफ की बात है। जब तक उसका निजी नुकसान नहीं होगा, तबतक कुछ सुधरने की उम्मीद करना सही भी नहीं। भीख का कटोरा लेकर देश-देश घूँमनेवाले पाकिस्तान की माली हालत बेहद ख़राब है वहीं पूरी दुनिया हमारे देश को सर-आँखों पर रखती है।

गौरतलब है कि रामकेश बृहन्मुम्बई महानगरपालिका में एक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त होकर अपना सारा समय साहित्य लेखन में व्यतीत कर रहे हैं। अब तक इन्हें 421 पुरस्कारों व सम्मानपत्रों से नवाजा जा चुका है। 26 पुस्तकें लिख चुके श्री यादव का 1700 से अधिक लेख आदि देश के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुका है। महाराष्ट्र राज्य पाठ्य पुस्तक निर्मिती विभाग व अभ्यासक्रम संशोधन मण्डल पुणे द्वारा इनकी 2 रचनाएँ पाठ्यक्रम में शामिल की जा चुकी हैं। इनका साहित्य-लेखन अनवरत जारी है।
यादव सामाजिक सरोकारों से जुड़कर आज भी समाज को एक नया आयाम दे रहे हैं। इन्हें हाल में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक स्मृति सम्मान 2025- निस्वार्थी राष्ट्रीय समूह ढाणा झज्जर हरियाणा, संस्थापक:अशोक कुमार जाखड़, सह-संस्थापिका: अपराजित शर्मा,अध्यक्षा: रश्मि पाण्डेय शुभि जी ने सम्मानित किया है।
उत्तर प्रदेश किसान सभा ने डीएम को 8 सूत्रीय मांग को लेकर सौपा ज्ञापन
अखिल भारतीय किसान सभा के आवाह्न पर उत्तर प्रदेश किसान सभा ने डीएम को 8 सूत्रीय मांग को लेकर सौपा ज्ञापन और कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण लगातार किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। ऐसे में केंद्र व राज्य अखिल भारतीय किसान सभा के आहवान पर आपको अवगत कराना है कि केंद्र सरकार की सरकार द्वारा स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार कृषि उपज मूल्य देने का कानूनी अधिकार न दिये जाने के कारण कर्ज में डूबे किसानों को तत् अनुल कर्जमाफी दिया जाना नितांत आवश्यक है ताकि किसान आगे भी पूरे मनोयोग से किसानी कार्य में तल्लीन रहे अन्यथा देश को बड़े संकट से जूझना पड़ेगा । यह भी बताना है कि इन आर्थिक दबावों के कारण, भाजपा सरकार के कार्यकाल में 1,20,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।
प्रतिदिन 31 किसान अपनी जान दे रहे हैं। इस संकट से किसानों को उबारना केंद्र व राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। सरकार ने कॉर्पोरेट कंपनियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने के लिए कानून बनाया लेकिन कर्जग्रस्त किसानों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया। यह स्पष्ट भेदभावपूर्ण व्यवहार है। आज सरकार विरोधी नीतियों के कारण किसान स्वीकार कर रहे है कि कृषि सेवा और उत्पादन की सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए किसानों को फसल उत्पादन से प्राप्त आय भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास के लिए पर्याप्त नहीं हो रहे है जो केंद्र व राज्य सरकार की कृषि-विरोधी नीतियों के कारण ही हुआ है। ऐसे में किसान कर्ज के बोझ तले दबता चला जा रहा है । निम्नलिखित कारणों का संज्ञान ग्रहण करते हुए किसान हित में आवश्यक कार्यवाही करें, जो कि निम्नवत् है।
1. स्वामीनाथन आयोग सूत्र C2+50% के अनुसार फसलों का आधारभूत मूल्य निर्धारित नहीं किया जाता । 9 दिसंबर 2021 को किसान आंदोलनकारियों को दिए गए आश्वासन के बावजूद, सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी नहीं दी गई। दी जाये।
2. बार-बार विदेशी कृषि उत्पादों का आयात करके हमारी फसलों के दाम जानबूझकर गिराए गए है।
3. शिक्षा स्वास्थ्य जती दुनियादी जरूरतों पर खर्च सरकारी नीतियों के निजीकरण से बढ़ गया है।
4. कृषि आदानों (जैसे उर्वरक बीज) पर अत्यधिक कर लगाकर उत्पादन लागत बढ़ाई गई है।
5– सभी किसानों के कर्ज (फसल, पंपसेट, शिक्षा, आवास आदि) पूर्ण माफी पेषित की जाए ।
6– स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार MSP को कानूनी गारंटी दी जाए।