BREAKING NEWS: आजमगढ़ जनपद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी स्तर पर आयोजित शिकायतों की जांच बैठक से शिकायतकर्ता असंतुष्ट लौटे। ग्राम पंचायत जमालपुर काजी, विकास खंड तहबरपुर से संबंधित मामलों में शिकायतकर्ताओं को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार होगा, लेकिन बैठक केवल औपचारिकता बनकर रह गई। जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति और ठोस कार्रवाई के अभाव में शिकायतकर्ताओं में रोष व्याप्त है तथा उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है।
BREAKING NEWS: आजमगढ़ – जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी स्तर पर आयोजित शिकायतों की जांच बैठक से शिकायतकर्ता असंतुष्ट लौटे। ग्राम पंचायत जमालपुर काजी, विकास खंड तहबरपुर से जुड़ी शिकायतों को लेकर शिकायतकर्ता निर्धारित तिथि पर जांच के लिए पहुंचे, लेकिन अधिकारियों द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और बैठक को औपचारिकता निभाते हुए समाप्त कर दिया गया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच समिति द्वारा मामले की सुनवाई के लिए तिथि तय की गई थी। निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता उपस्थित हुए, लेकिन संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हुए। इसके बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और मामले को टालने की कोशिश की गई।
BREAKING NEWS
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच के नाम पर केवल हीलाहवाली की गई और न तो उनकी बातों को गंभीरता से सुना गया, न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। इससे शिकायतकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
बैठक के बाद शिकायतकर्ताओं ने हाथों में शिकायत से संबंधित दस्तावेज लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्चस्तरीय अधिकारी से कराई जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मामले को मंडल व शासन स्तर तक ले जाने को मजबूर होंगे।
SURESH KALMADI : सत्ता, जवाबदेही और पतन की चेतावनी: सुरेश कलमाड़ी के जीवन से लोकतंत्र का सबक