AZAMGARH NEWS :
आज़मगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरीहा गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास बनी बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। फरिहा–सरायमीर रोड के किनारे स्थित इस स्थल को ग्रामीण आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक मानते हैं, ऐसे में बाउंड्री वॉल टूटने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और आरोपित वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
ग्रामीणों के अनुसार, किसी अज्ञात वाहन ने बाबा साहब की प्रतिमा के समीप बनी बाउंड्री वॉल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दीवार का एक हिस्सा बुरी तरह टूटकर बिखर गया । प्रतिमा के आसपास का यह स्थान गांव के लोगों के लिए केवल स्मारक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की भावना का केंद्र माना जाता है । सुबह होते ही जब लोगों की नजर टूटी हुई बाउंड्री पर पड़ी तो पूरे क्षेत्र में यह खबर तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए । मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह केवल एक दीवार नहीं, बल्कि उनकी आस्था, सम्मान और संविधान निर्माता के प्रति श्रद्धा पर चोट है, जिसे किसी भी हाल में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना, फोर्स पहुंची मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्रा तथा निजामाबाद थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह को सूचना दी।सूचना मिलते ही फरिहा चौकी से पुलिस कर्मी और निजामाबाद थाने से भी फोर्स मौके पर पहुंची । पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया, ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त करने की कोशिश की कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी । ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ और आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने धैर्य के साथ लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि पहले घटना की तथ्यात्मक जांच होगी, उसके बाद दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की समझाइश के बाद धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ और भीड़ तितर-बितर होने लगी । READ MORE……
बार-बार होने वाली घटनाओं पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है । लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी कई बार प्रतिमा के आसपास तोड़फोड़, वाहन से टक्कर या छेड़छाड़ जैसी घटनाएं घट चुकी हैं । हर बार पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करा तो देता है, लेकिन घटना के पीछे असली जिम्मेदार कौन है, यह सामने नहीं आ पाता और न ही किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती दिखती है । ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार मामले को “समझौते” या “शांत कराने” की बात कहकर टाल दिया जाता है, जिसकी वजह से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआती घटनाओं में ही कठोर कार्रवाई की गई होती, तो शायद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होती।
पूर्व प्रधान और ग्रामीणों ने दी लिखित तहरीर
घटना के बाद पूर्व प्रधान और कई संभ्रांत ग्रामीणों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी निजामाबाद को लिखित सूचना सौंपते हुए FIR दर्ज करने की मांग की । पूर्व प्रधान चंद्रभान, सुनील कुमार, अखिलेश कुमार, आशीष कुमार, जयप्रकाश सहित अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र पुलिस को दिया । इस लिखित तहरीर में मांग की गई कि बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त करने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाकर मुकदमा दर्ज किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर समय से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे उच्चाधिकारियों से मिलकर मामला उठाएंगे और आवश्यकता पड़ी तो शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का रास्ता भी अपनाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्निर्माण की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि बाबा साहब की प्रतिमा और बाउंड्री वॉल के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं । ग्रामीण चाहते हैं कि बाउंड्री वॉल की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए और उसकी ऊंचाई तथा मजबूती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी वाहन की टक्कर या जानबूझकर की गई हरकत से आसानी से नुकसान न हो सके । कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि प्रतिमा के आसपास CCTV कैमरा लगवाया जाए, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके और आरोपी को चिन्हित करने में आसानी हो । इसके साथ ही गांव के युवाओं ने भी तय किया कि वे समय-समय पर प्रतिमा स्थल की निगरानी करेंगे और कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देंगे।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
घटना के बाद गांव के कई वरिष्ठ लोगों ने आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपील की । ग्रामीणों ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमा सभी वर्गों के नागरिकों के सम्मान और बराबरी का प्रतीक है, इसलिए इस स्थल के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी । साथ ही, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अफवाहों के आधार पर भड़कने के बजाय तथ्यों की पुष्टि करें और किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।ग्रामीणों का साफ संदेश है कि उनकी आस्था और सम्मान का प्रतीक यह स्थल केवल एक मूर्ति या दीवार नहीं, बल्कि संविधान, अधिकारों और सामाजिक न्याय में उनके विश्वास की निशानी है। ऐसे में वे इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई होने तक प्रशासन से जवाबदेही की मांग जारी रखेंगे । और पढ़ें …..
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