आजमगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा आजमगढ़ की तरफ से स्वामी सहजानन्द सरस्वती का 75वां परिनिर्वाण दिवस पर अम्बेडकर पार्क में रामनेत यादव की अध्यक्षता में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने स्वामी सहजानन्द सरस्वती कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठित किसान आन्दोलन के जनक थे। उन्ही के नेतृत्व में 1936 में किसान सभा की स्थापना लखनऊ में हुई थी। और प्रथम अध्यक्ष चुने गये थे। इसी सम्मेलन में उन्होने ने नारा दिया था कि विदेशी भारत छोड़ों तथा जो जमीन को जोते बोये वही जमीन का मालिक होये, जमीन नहीं धनवानों की है मजदूर किसान की। दुसरा नारा दिया था कि जो अन्य उपजायेगा वही कानून बनायेगा।
श्रद्धाजंलि सभा में बोलते हुए किसान सभा के जिला मंत्री गुलाब मौर्य ने कहा कि आजादी के बाद जब गांधी जी ने कहा कि अब किसान सभा का लाल झण्डा बदला जाना चाहिए तब स्वामी जी ने कहा कि यह नहीं होगा जब किसान खुन जलाता है तो अनाज पैदा होता जब किसान मजदूर का खुन लाल होता है तो किसान का झण्डा लाल रहेगा। इसके अतिरिक्त वसीर मास्टर, जियालाल, रामलगन, राजेन्दर राय, विनोद, शहनवाज बेग, राजित यादव, जानकी नाथ, कमला राय, सुबास यादव आदि लोग उपस्थित रहें। अन्त में दो मीनट का मौन रखकर बैठक समाप्त की गयी ।
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