14 मई 2025 को देहरादून स्थित उत्तराखंड संस्कृति विभाग की उत्तरा आर्ट गैलरी में दिवंगत कलाकार कृतिका उनियाल की द्वितीय पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में आयोजित भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।
इस आयोजन का उद्घाटन यशकृतिका फाउंडेशन की अध्यक्षा कमलेश नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ। यह प्रदर्शनी न केवल स्व. कृतिका को श्रद्धांजलि है, बल्कि नगर की कला-संस्कृति को समर्पित एक सजीव सांस्कृतिक पहल भी है। उद्घाटन समारोह में नगर के प्रतिष्ठित चित्रकारों, साहित्यकारों, फिल्म निर्माताओं और कला प्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रमुख अतिथियों में यशकृतिका फाउंडेशन के सचिव यशपाल उनियाल, कृतिका के कलागुरु मोहम्मद मोईन, “पहाड़ों की आवाज़ सुनो” के निदेशक नरेंद्र रौथाण, वरिष्ठ चित्रकार भरत भंडारी, साहित्यकार वेदिकावेद, राजेंद्र सिंह उनियाल, प्रमोद रावत, सतपाल गांधी, फिल्म निर्देशक दानिश, और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी में ऑयल पेंटिंग,वॉटर कलर, रेखाचित्र, एक्रेलिक और मिनिएचर शैली में बनीं पोर्ट्रेट, लैंडस्केप, अमूर्त (Abstract) और यथार्थवादी चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। प्रमुख चित्रकारों में डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा, डॉ. राजकुमार पांडेय, कहकशां, और चंद्रबहादुर रसाइली की कलाकृतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस अवसर पर डॉ. राजकुमार पांडेय द्वारा निर्मित “सिल्कयारा टर्नल त्रासदी” पर आधारित कलाकृति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इस रचना में एक ओर त्रासदी की पीड़ा तो दूसरी ओर मानवीय साहस और संवेदनाओं का गहन चित्रण किया गया है, जिसे वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा संरचनात्मक मार्गदर्शन मिला।
प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों — मीनाक्षी नेगी, देवांगी जगूड़ी, रिया गौड़, मनन दानिश,शमशेर वारसी, स्नेहा कुमारी और प्रज्ञा वर्मा की रचनाएं भी खूब सराही जा रही हैं। यह प्रदर्शनी 14 मई से 20 मई 2025 तक प्रतिदिन दर्शकों के लिए खुली रहेगी, जो कला प्रेमियों को युवा और वरिष्ठ कलाकारों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को एक ही मंच पर देखने का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है।