फर्जी वोटरों पर राउत का हमला “ठोक देंगे” बयान से मचा राजनीतिक बवाल: संजय राउत के फर्जी वोटरों पर दिए बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना और MNS की टीमों को लेकर दिए गए बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। जानिए पूरे मामले की ताज़ा अपडेट और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
मुंबई। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत के फर्जी वोटरों को लेकर दिए गए बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राउत ने दावा किया कि शिवसेना और मनसे की टीमें हर जगह मौजूद हैं और 5,000 लोगों को तैयार किया गया है जो कथित तौर पर फर्जी वोटरों की पहचान करेंगे।
हालांकि उनके बयान में “मौके पर ही धुलाई” जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा और कांग्रेस समेत कई दलों ने इसे कानून हाथ में लेने की धमकी करार दिया है और चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत करने का एक संवैधानिक तरीका होता है। इस तरह की भाषा लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरा है।”
वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी बयान को “उकसावे वाला” बताते हुए कहा कि इससे चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है।
मारपीट की चेतावनी! संजय राउत के बयान पर सियासी घमासान
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि बयान की गंभीरता से जांच की जा रही है और चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या डराने-धमकाने की नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव गुट) की ओर से सफाई दी गई है कि पार्टी फर्जी वोटिंग के खिलाफ लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ना चाहती है, न कि हिंसा को बढ़ावा देना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, इस तरह के बयान सियासी तापमान और बढ़ा सकते हैं, लेकिन इससे कानून-व्यवस्था की चुनौती भी खड़ी हो सकती है।
अमेरिका की विदेश नीति और मुस्लिम देशों में अस्थिरता,विशेष रिपोर्ट