MAGH MELA PRAYAGRAJ NEWS UPDATE
MAGH MELA PRAYAGRAJ : माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और लोक-कलाओं का जीवंत उत्सव भी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माघ मेला क्षेत्र में शनिवार से कला संगम कार्यक्रम का भव्य आगाज हो गया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शास्त्रीय और लोक कलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड में शुरू हुए कला संगम कार्यक्रम के पहले दिन देवी लोकगीत, भजन, शंख वादन, शास्त्रीय गायन और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत उदय चंद्र परदेसी एवं उनकी टीम द्वारा देवी लोकगीतों से हुई। इसके बाद लोकगायिका मालिनी अवस्थी के भजनों ने पूरे पंडाल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे।
वाराणसी से आई राम जनम की टीम द्वारा शंख वादन ने आध्यात्मिक वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। वहीं संगीता मिश्रा के लोक गायन और लखनऊ से आए वरुण मिश्रा के शास्त्रीय गायन को भी श्रोताओं ने खूब सराहा। नृत्य प्रस्तुतियों में कीर्ति श्रीवास्तव के लोक नृत्य ‘डेढ़इया’ और नीता जोशी के कथक नृत्य की जुगलबंदी ने विशेष आकर्षण बटोरा। कार्यक्रम का संचालन आभा मधुर ने किया।
20 दिन, 120 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
MAGH MELA PRAYAGRAJ : माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि कला संगम कार्यक्रम 4 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा। इस 20 दिवसीय आयोजन में 120 से अधिक लोक एवं शास्त्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। पहले दिन कुल छह प्रस्तुतियां हुईं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला । कला सगम कार्यक्रम माघ मेले को न केवल आध्यात्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध बना रहा है, जहां आस्था के संग भारतीय लोक और शास्त्रीय कला परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिल रहा है।
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