Azamgarh News : आजमगढ़ जनपद के रानी की सराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार की दोपहर आयोजित विदाई एवं मिलन समारोह में वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रही सेवानिवृत्त एएनएम और सीएचओ को अंगवस्त्र व मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा प्रभारी कैप्टन डॉ. मनीष तिवारी ने और मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा तथा डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेंदर कुमार ने संयुक्त रूप से शिरकत की।
AZAMGARH NEWS
आजमगढ़। रानी की सराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मंगलवार दोपहर दो बजे एक गरिमामय ‘विदाई एवं मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रानी की सराय के चिकित्सा प्रभारी अधिकारी कैप्टन डॉ. मनीष तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) आजमगढ़ डॉ. एन.आर. वर्मा तथा डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेंदर कुमार उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रूप से दोनों अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही वातावरण में सौहार्द, सम्मान और सहयोग की भावना प्रस्फुटित हुई। सभी उपस्थितजन ने समारोह का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट से किया। इस मौके पर पीएचसी परिसर को सुंदर तरीके से सजाया गया था, जहां रंगीन फूलों और बैनरों ने कार्यक्रम को विशालता दी । ये भी पढ़ें……………..
कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी डॉ. सुशील मौर्य एवं डॉ. कविता सिंह ने कुशलता के साथ निभाई। उन्होंने मंच संचालन के दौरान हंसमुख अंदाज और औपचारिक भाषा के संतुलन से पूरे समारोह को जीवंत बनाए रखा। समारोह का मुख्य केंद्रबिंदु रहे सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी — एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) और सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) — जिन्होंने वर्षों तक ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दिया।सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। यह क्षण अत्यंत भावुक था। जैसे ही सम्मानित कर्मियों का नाम पुकारा गया, साथी कर्मचारियों ने तालियों से स्वागत किया। कई लोगों की आंखें नम थीं क्योंकि ये वे चेहरें थे जिन्होंने वर्षों तक गांव-गांव जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया।
संबोधन…
कैप्टन डॉ. मनीष तिवारी ने अपने संबोधन में कहा, “इन कर्मियों ने अपने जीवन के सर्वोत्तम वर्ष जनसेवा को समर्पित किए हैं। इनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। आज हम न केवल उन्हें विदा कर रहे हैं, बल्कि उनके अनुभव और समर्पण की यादों को सहेजने का अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं । मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का योगदान महामारी के कठिन समय में भी अमूल्य रहा है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सेवाएं केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि एक मिशन हैं। आप सभी ने इस मिशन को जिस ईमानदारी से निभाया, वह जिले के लिए गौरव की बात है।” वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेंदर कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी अंत का नहीं, बल्कि नए आरंभ का प्रतीक है। “सेवा का यह सफर बदलता है, रुकता नहीं,”।कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर नदीम, डॉक्टर अब्दुल्ला खान, डॉक्टर नूर सबा, डॉक्टर विनोद, डॉक्टर सलमान फैजी सहित कई अन्य चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र की आशा बहुएँ भी बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं और उनके समर्पण को नमन किया।आशा बहुओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक आशा कार्यकर्ता ने कहा, “हमारी एएनएम दीदियाँ हमेशा मार्गदर्शक रहीं। उन्होंने हमें प्रशिक्षित किया, कठिन समय में सहारा दिया। आज उनके जाने से एक खालीपन महसूस होगा।” इस पर सभागार में गहरी भावनात्मक लहर दौड़ गई।समारोह के दौरान हास्य और स्मृतियों के पल भी आए जब वरिष्ठ कर्मचारियों के अनुभवों को हल्के-फुल्के अंदाज में साझा किया गया। किसी ने पुराने दौर की चुनौतियों की चर्चा की तो किसी ने उन संस्मरणों को याद किया जब सीमित संसाधनों में भी सबने मिलकर जनता की सेवा का कार्य किया । कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजय जायसवाल ने सबका आभार जताते हुए समारोह की समाप्ति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रानी की सराय पीएचसी लगातार जनहित में कार्य करती रहेगी और यहां के कर्मचारी सेवा के भाव से लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे । कार्यक्रम के बाद सभी अतिथियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे से स्नेहपूर्वक मिलकर भावी जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उपस्थित लोगों को हल्का नाश्ता एवं जलपान भी कराया गया। इस प्रकार यह विदाई समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि एक पारिवारिक मिलन का प्रतीक बन गया, जहाँ हर व्यक्ति ने ‘सेवा, समर्पण और सहयोग’ की भावना का अनुभव किया । और पढ़ें ……