अधिवक्ता से मारपीट के बाद उबाल: बाराबंकी के हैदरगढ़ गोतौना टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला से मारपीट के बाद हजारों वकीलों ने NH-731 पर धरना दिया। फास्टैग विवाद से शुरू हुई घटना में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी। पढ़ें पूरी पुष्ट खबर।
बाराबंकी। जनपद के हैदरगढ़ क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे‑731 पर गोतौना टोल प्लाजा पर बुधवार को हुई एक घटना ने पूरे जिले में कानून व्यवस्था और टोल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईकोर्ट लखनऊ जा रहे अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। गुरुवार को हजारों की संख्या में अधिवक्ता टोल प्लाजा के सामने एकत्र हुए और शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया, जो देर शाम तक जारी रहा।
फास्टैग विवाद बना हिंसा की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला बुधवार सुबह अपने निजी वाहन से लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे। गोतौना टोल प्लाजा पहुंचने पर उनका फास्टैग बैलेंस समाप्त हो चुका था। उन्होंने नियम के अनुसार नकद भुगतान कर रसीद लेने की बात कही। इसी को लेकर टोल कर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद कुछ ही मिनटों में बढ़ गया और टोल कर्मियों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अधिवक्ता को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना का वीडियो भी मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद अधिवक्ता समाज में रोष और अधिक बढ़ गया।
कोतवाली पहुंचा बार एसोसिएशन, गिरफ्तारी की मांग
घटना की सूचना मिलते ही तहसील बार एसोसिएशन और जिले के अन्य अधिवक्ता बड़ी संख्या में हैदरगढ़ कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, टोल कर्मियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
टोल प्लाजा पर धरना, यातायात प्रभावित
गुरुवार सुबह से ही अधिवक्ताओं ने गोतौना टोल प्लाजा के सामने शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वकीलों की संख्या हजारों में पहुंच गई। धरने के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि बाद में पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यातायात को आंशिक रूप से सुचारु कराया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और अधिवक्ताओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
किसान नेता राजनेत यादव का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए किसान नेता राजनेत यादव ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि टोल प्लाजा पर तैनात निजी बाउंसरों और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए । राजनेत यादव ने कहा, “यदि टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारी और बाउंसर आम नागरिकों और अधिवक्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो यह कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और टोल प्लाजा से बाउंसरों को हटाया जाए।”
अधिवक्ता संगठनों की चेतावनी
धरना स्थल पर मौजूद विभिन्न अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई और टोल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई।अधिवक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज की गरिमा पर हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। जिला प्रशासन ने टोल प्रबंधन से भी जवाब तलब किया है और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है।
कोतवाली हैदरगढ़ पुलिस के अनुसार पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान वीडियो फुटेज और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जा रही है।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह टोल कर्मचारी हो या कोई अन्य व्यक्ति।
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