निजामाबाद आजमगढ़ में न्यायालय के आदेश पर धारा 84 BNSS के तहत फरार अभियुक्तों के घर कुर्की की उद्घोषणा कर नोटिस चस्पा किया गया।
निजामाबाद (आजमगढ़)।
न्यायालय के निर्देश पर थाना अहिरौला क्षेत्र के मड़ना गांव में फरार अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने कुर्की की उद्घोषणा की कार्रवाई संपन्न कराई। यह कार्रवाई मुकदमा संख्या 0307/25 से संबंधित अभियुक्त मोतीलाल यादव पुत्र विदेशी यादव, उनकी पत्नी राधिका यादव एवं पुत्री सविता यादव के विरुद्ध की गई है, जो ग्राम मड़ना, थाना अहिरौला, जनपद आजमगढ़ के निवासी बताए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे हैं और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। बार-बार नोटिस व समन जारी होने के बावजूद अभियुक्तों के न्यायालय में पेश न होने पर न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के अंतर्गत कुर्की की उद्घोषणा का आदेश जारी किया था। इसी क्रम में पुलिस टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और विधिवत कार्रवाई को अंजाम दिया।
गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ की गई मुनादी
पुलिस टीम द्वारा गांव में पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई गई, जिससे ग्रामीणों को यह जानकारी दी जा सके कि संबंधित अभियुक्त न्यायालय द्वारा वांछित हैं और यदि वे निर्धारित समय सीमा में उपस्थित नहीं होते हैं तो उनकी संपत्ति की कुर्की की जाएगी। मुनादी के दौरान गांव के काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और पूरी कार्रवाई को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
घर व सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा
पुलिस टीम ने अभियुक्तों के घर के मुख्य द्वार पर न्यायालय द्वारा जारी उद्घोषणा नोटिस चस्पा किया। इसके साथ ही गांव के अन्य प्रमुख सार्वजनिक और सघन स्थानों पर भी नोटिस लगाए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया कानून के तहत अनिवार्य है, जिससे अभियुक्तों पर न्यायालय में उपस्थित होने का दबाव बनाया जा सके।
पुलिस टीम रही मौजूद
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपनिरीक्षक कमला पटेल ने किया। उनके साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक संविद्र राय, हेड कांस्टेबल जगदीश सोनकर तथा महिला आरक्षी पूनम सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। टीम ने पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। पुलिस बल की मौजूदगी को देखते हुए गांव में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रही।
क्या है धारा 84 बीएनएसएस?
कानूनी जानकारों के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत तब कार्रवाई की जाती है, जब कोई अभियुक्त लंबे समय तक फरार रहता है और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करता है। इस धारा के अंतर्गत न्यायालय अभियुक्त के विरुद्ध उद्घोषणा जारी करता है और आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्ति की कुर्की भी कराई जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह होता है कि अभियुक्त कानून से भाग न सके और उसे न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बाध्य किया जा सके।
ग्रामीणों में रही चर्चा
इस कार्रवाई के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव में इस प्रकार की कुर्की की उद्घोषणा की कार्रवाई हुई है। लोग पुलिस की कार्रवाई को देखने के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए थे। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए, जिससे अपराधियों में भय बना रहे।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्तों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन उनके द्वारा लगातार न्यायालय की प्रक्रिया से बचने का प्रयास किया जा रहा था। इसी कारण न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। यदि अभियुक्त जल्द ही न्यायालय में उपस्थित नहीं होते हैं तो आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी संपत्ति की कुर्की की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि फरार अभियुक्तों के विरुद्ध आगे भी अभियान जारी रहेगा। जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी समीक्षा की जा रही है, जिनमें अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को हर हाल में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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