पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। राजनीतिक रणनीति फर्म I-PAC पर हुई रेड के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोर्ट का रुख किया है। पार्टी का आरोप है कि यह छापेमारी राजनीतिक दबाव और बदले की भावना के तहत की गई है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रुख बेहद आक्रामक नजर आया। उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। I-PAC रेड, TMC की याचिका और बंगाल की राजनीति से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पढ़ें।
I-PAC छापे के खिलाफ TMC पहुंची कलकत्ता हाईकोर्ट, ममता ने साधा केंद्र पर निशाना
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पार्टी से जुड़ी राजनीतिक रणनीति फर्म I-PAC पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। टीएमसी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई और इसका मकसद पार्टी के चल रहे विरोध प्रदर्शनों को दबाना है।
याचिका में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ टीएमसी के लगातार आंदोलनों से केंद्र सरकार असहज है, इसी कारण ईडी ने I-PAC के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की। पार्टी ने दावा किया कि इस दौरान गोपनीय डेटा और अहम दस्तावेजों को अवैध रूप से जब्त किया गया, जो कानून का खुला उल्लंघन है।
सुबह 6 बजे शुरू हुई रेड, 9 घंटे चली कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की टीम ने कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी शुरू की, जो करीब 9 घंटे तक चली। दोपहर करीब 3 बजे टीम वहां से रवाना हुई। इसी दौरान प्रतीक जैन के परिवार ने दस्तावेज चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
अचानक मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
ईडी की कार्रवाई के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय पहुंचीं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से माहौल और गर्म हो गया। ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोध को कुचलने की कोशिश की जा रही है।
सड़कों पर उतरी TMC, विरोध प्रदर्शन तेज
ईडी रेड की खबर सामने आते ही कोलकाता समेत राज्य के कई हिस्सों में टीएमसी समर्थक सड़कों पर उतर आए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं रुकी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हाईकोर्ट से क्या चाहती है TMC?
टीएमसी ने हाईकोर्ट से मांग की है कि
- ईडी की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए
- अवैध रूप से जब्त दस्तावेजों को रद्द किया जाए
- भविष्य में इस तरह की राजनीतिक प्रेरित कार्रवाइयों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं
अब सबकी निगाहें कलकत्ता हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ईडी की कार्रवाई कानून के दायरे में थी या फिर यह बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा सियासी टकराव साबित होगी।
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